Ghazipur News: गाजीपुर जिले के रेवतीपुर क्षेत्र में हसनपुरा-नसीरपुर मार्ग पर स्थित क्षतिग्रस्त पुलिया का पुनर्निर्माण पिछले तीन साल से सरकारी मंजूरी के इंतजार में अटका हुआ है। पुलिया के अभाव में इलाके के दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है और लोगों को आवागमन के लिए करीब 30 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों दीनबंधु, रामभजन, गौरी, जीऊत, संतारा और बादामी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से नई पुलिया बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। लेकिन अब तक इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी है, जिसके चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।
ग्रामीणों के अनुसार इस पुलिया का निर्माण वर्ष 1996 में तत्कालीन सांसद और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के प्रयासों से कराया गया था।
समय के साथ मरम्मत न होने और विभागीय उपेक्षा के कारण पुलिया जर्जर हो गई। वर्ष 2013 में आई भीषण बाढ़ के दौरान इसे भारी नुकसान पहुंचा था, लेकिन इसके बाद भी लंबे समय तक इसके पुनर्निर्माण के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई।
वर्ष 2023 में तत्कालीन जिलाधिकारी आर्यका अखौरी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने क्षतिग्रस्त पुलिया को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था। योजना थी कि यहां नई पुलिया बनाई जाएगी, लेकिन तीन साल पहले भेजे गए प्रस्ताव को अभी तक मंजूरी नहीं मिलने से काम शुरू ही नहीं हो सका।
पुलिया न होने के कारण रोजाना सैकड़ों राहगीरों और वाहन चालकों को वैकल्पिक लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। यह इलाका कृषि प्रधान है, ऐसे में किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने और फसल को बाजार तक ले जाने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता शालिग्राम ने बताया कि नई पुलिया के निर्माण के लिए करीब तीन साल पहले शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। उन्होंने कहा कि जैसे ही शासन से मंजूरी और बजट आवंटित होगा, निर्माण कार्य तुरंत शुरू करा दिया जाएगा।
