Ghazipur News: चैत्र नवरात्र के पहले दिन गुरुवार को करहिया स्थित मां कामाख्या देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना की शुरुआत हुई। वहीं, घर-घर में भी भक्तों ने कलश स्थापित कर मां शैलपुत्री की आराधना की, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
मंदिर के महंत आकाश राज तिवारी ने बताया कि मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और आध्यात्मिक शक्ति में भी वृद्धि होती है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्र के पहले दिन देवी शैलपुत्री की पूजा की जाती है। माना जाता है कि उनकी पूजा और मंत्र जाप से मूलाधार चक्र जाग्रत होता है, जिससे जीवन में धन-धान्य और ऐश्वर्य बढ़ता है। साथ ही भक्तों को आरोग्य और मोक्ष की प्राप्ति भी होती है।
नवरात्र के दौरान मां दुर्गा को विभिन्न प्रकार के फूल अर्पित किए जाते हैं, लेकिन देवी पुराण में उड़हुल (अड़हुल) के फूल को विशेष महत्व दिया गया है। इसे मां का प्रिय फूल माना जाता है और इसे चढ़ाना बेहद फलदायक होता है।
यही वजह है कि बाजार में लाल अड़हुल फूलों की मांग तेजी से बढ़ गई है। फूल कारोबारी दिनेश माली, चंदन माली, पप्पू माली और धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि पूरे नवरात्र के लिए कई लोगों ने पहले ही फूलों की बुकिंग कर दी है और अग्रिम राशि भी जमा कराई है।
कीमतों की बात करें तो अड़हुल के फूल 2 से 5 रुपये प्रति पीस के हिसाब से बिक रहे हैं, जो उनके आकार पर निर्भर करता है। वहीं, फूलों की माला 20 से 30 रुपये प्रति और लरी 40 रुपये प्रति के भाव से बेची जा रही है।
