Railway Ticket News: रेलवे अपने यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार बदलाव कर रहा है। इसी कड़ी में अब एक बड़ा फैसला लिया गया है। रेलवे मंत्रालय ने टिकट बुकिंग से जुड़े एक अहम ऐप को बंद करने का निर्णय किया है। 1 मार्च से यात्री इस ऐप के जरिए ऑनलाइन टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
UTS ऐप की सेवाएं होंगी बंद
Indian Railway News: रेलवे समय-समय पर अपने नियमों और डिजिटल सेवाओं में बदलाव करता रहता है। मिली जानकारी के अनुसार, रेलवे मंत्रालय जल्द ही UTS टिकट बुकिंग ऐप की सेवाएं पूरी तरह बंद करने जा रहा है।
UTS मोबाइल ऐप की शुरुआत 27 दिसंबर 2014 को की गई थी। इस ऐप के जरिए यात्रियों को अनारक्षित (जनरल) टिकट, सीजन टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने की सुविधा मिलती थी। लेकिन अब विभाग की ओर से जारी अपडेट में कहा गया है कि इस ऐप को जारी रखना व्यावहारिक नहीं माना जा रहा है।
दरअसल, यही सुविधाएं अब एक नए एप्लिकेशन पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में जो यात्री अब तक जनरल या प्लेटफॉर्म टिकट के लिए UTS ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे, वे 1 मार्च के बाद इसका उपयोग नहीं कर पाएंगे।
अब RailOne ऐप से होगी टिकट बुकिंग
रेलवे ने साफ किया है कि UTS ऐप के अलावा टिकट बुकिंग की सुविधा RailOne ऐप पर भी उपलब्ध है। यात्री अपने मौजूदा IRCTC या UTS लॉगिन विवरण का उपयोग करके RailOne ऐप में साइन इन कर सकते हैं।
Southern Railway के मुताबिक, RailOne ऐप में टिकट बुकिंग, ट्रेन ट्रैकिंग, खानपान सेवा और शिकायत निवारण जैसी कई सुविधाएं एक ही जगह पर मिलेंगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और उनका अनुभव पहले से बेहतर होगा।
रेलवे मंत्रालय की ओर से UTS ऐप को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है। शुरुआत में सीजन टिकट की बुकिंग और नए यूजर रजिस्ट्रेशन रोके गए। इसके बाद प्लेटफॉर्म टिकट बुकिंग और R-वॉलेट रिचार्ज की सुविधा भी बंद कर दी गई। हालांकि, ऐप अभी भी App Store पर मौजूद है।
‘वन ऐप, ऑल सर्विसेज’ की रणनीति
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सेवाओं को आसान और एकीकृत बनाने के लिए “वन ऐप, ऑल सर्विसेज” की रणनीति अपनाई जा रही है। RailOne ऐप पर रिजर्व टिकट, अनारक्षित टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेन की जानकारी, लाइव स्टेटस, शिकायत दर्ज करने की सुविधा और अन्य यात्री सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी।
इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों को अलग-अलग ऐप की झंझट से छुटकारा दिलाना है।
यात्रियों के लिए गाइडलाइन और हेल्पडेस्क
रेलवे विभाग ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे 1 मार्च से पहले RailOne ऐप डाउनलोड कर लें और इसकी कार्यप्रणाली समझ लें। परिवर्तन के दौरान किसी भी असुविधा से बचने के लिए दिशा-निर्देश और हेल्पडेस्क सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
भारतीय रेलवे डिजिटल व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रहा है और जल्द ही UTS ऐप का उपयोग पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। अब देखना होगा कि RailOne सुपर ऐप यात्रियों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है और उन्हें कितनी सुविधा दे पाता है।
