Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में इन दिनों लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में आई एक नई रिपोर्ट ने बाजार का मूड साफ करने की कोशिश की है। सवाल यही है—क्या आने वाले दिनों में कीमतों में और गिरावट होगी या फिर तेजी लौटेगी? आइए समझते हैं पूरा हाल।
आज कितना सस्ता हुआ सोना-चांदी?
पिछले कुछ दिनों से दोनों की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। आज भी बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई।
कॉमेक्स (Comex) पर गोल्ड की कीमत 4,906.30 डॉलर प्रति औंस और सिल्वर 72.580 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
वहीं घरेलू कमोडिटी बाजार MCX पर मंगलवार को सोना 1,51,800 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 2,30,204 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
यानी रिकॉर्ड ऊंचाई से दोनों धातुएं काफी नीचे आ चुकी हैं।
18 महीनों में दोगुनी से ज्यादा हुई थीं कीमतें
गौर करने वाली बात यह है कि पिछले 18 महीनों में सोने और चांदी की कीमतें दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ गई थीं। उस दौरान बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई थी और निवेशकों ने खूब पैसा लगाया।
Gen Z और मिलेनियल्स तक इस निवेश की दौड़ में शामिल हो गए थे। लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। लगातार गिरावट के कारण निवेशक फिलहाल बड़ा दांव लगाने से बच रहे हैं और नई गिरावट का इंतजार कर रहे हैं।
रिकॉर्ड हाई से कितना नीचे आया भाव?
सोने की कीमत 1,80,000 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 4,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी।
अब यह गिरकर क्रमशः 1,51,800 रुपये और 2,30,204 रुपये पर आ चुकी है।
यानी दोनों धातुओं में तेज करेक्शन देखने को मिला है। इसी वजह से बाजार में यह चर्चा तेज है कि क्या अभी और गिरावट बाकी है?
रिपोर्ट में क्या कहा गया?
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की उपाध्यक्ष के मुताबिक, फिलहाल जो गिरावट दिख रही है वह अस्थायी मुनाफावसूली का असर हो सकता है।
अगर वैश्विक अनिश्चितताएं बनी रहती हैं तो कीमतों में दोबारा मजबूती भी आ सकती है। यानी बाजार में अभी पूरी तरह से एकतरफा रुख तय नहीं हुआ है।
कुछ विशेषज्ञ मान रहे हैं कि गिरावट का दौर थोड़े समय तक जारी रह सकता है, जबकि कुछ का कहना है कि यह खरीदारी का मौका भी साबित हो सकता है।
ग्राहकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार, गिरावट के बाद खरीदारी तो बढ़ी है, लेकिन सीमित स्तर पर। ज्यादातर लोग पारिवारिक शादियों के लिए ही सोना-चांदी खरीद रहे हैं।
अब भारी गहनों की बजाय हल्के वजन के आभूषण ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। ग्राहक अभी भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि आने वाले दिनों में कीमतों में और नरमी आ सकती है।
कुल मिलाकर, बाजार इस समय अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। निवेशकों और ग्राहकों की नजर अब आने वाले दिनों की चाल पर टिकी हुई है—क्या सोना-चांदी और सस्ता होगा या फिर अचानक से तेजी लौट आएगी?
