Dildarnagar News: दिलदारनगर रेलवे स्टेशन के पास दो रेल लाइनों के बीच स्थित सायर माता का मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है। सालभर यहां दूर-दराज से भक्त माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं, लेकिन चैत्र नवरात्र के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। इस समय मंदिर में खास रौनक देखने को मिलती है।
सायर माता मंदिर की अलौकिक शक्तियों को लेकर पूरे क्षेत्र में कई तरह की किवदंतियां प्रचलित हैं। यही वजह है कि हर दिन बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचकर माता के दर्शन करते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं।
स्थानीय भक्त मुन्ना गुप्ता, अजय, अनिल, अभिषेक गुप्ता, अमन गुप्ता, चंदन यादव, सुनील सिंह और कन्हैया चौरसिया सहित कई लोगों का कहना है कि जो भी श्रद्धालु यहां सच्चे मन से मन्नत मांगता है, उसकी इच्छा पूरी होती है। मुराद पूरी होने पर भक्त मंदिर में घंटी बांधते हैं और फर्श में चांदी का सिक्का जड़वाते हैं, जो उनकी आस्था और विश्वास का प्रतीक माना जाता है।
कई वर्षों से इस मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही है। खासकर चैत्र नवरात्र के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना के साथ रात्रि जागरण का आयोजन भी किया जाता है। इस दौरान दूर-दूर से भक्त माता के दर्शन करने आते हैं और भक्ति-भाव के साथ माता का गुणगान करते हैं।
श्रद्धालुओं का मानना है कि सायर माता का यह मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था का जीवंत प्रतीक है। यहां लोग अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए माता का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।
