Maha Shivratri 2027 Date: हिंदू धर्म में भगवान भोलेनाथ की पूजा का विशेष महत्व होता है। उन्हें दयालु और कृपालु भगवान माना जाता है, जिनकी प्रतिष्ठा बहुत उच्च है। वे एक लोटे के जल से भी संतुष्ट हो जाते हैं। महाशिवरात्रि शिवभक्तों के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इस पर्व पर भगवान शंकर की विशेष पूजा और अर्चना की जाती है और भक्त व्रत और पूजन के साथ इसे धूमधाम से मनाते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार साल में दो बार महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। पहली महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आती है और दूसरी महाशिवरात्रि श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। दोनों महाशिवरात्रि पर्व बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। फाल्गुन मास में मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि के संदर्भ में कई मान्यताएं भी प्रचलित हैं। इस दिन विधिवत भगवान शिव की पूजा करने से सोखी विवाही जीवन की प्राप्ति होती है और सौभाग्य की कामना की जाती है। जानिए 2027 में महाशिवरात्रि कब मनाई जाएगी और महाशिवरात्रि 2027 की तिथि।
साल 2027 में महाशिवरात्रि 06 मार्च, Saturday को मनाई जाएगी। यह महाशिवरात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। साथ ही ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट मिट जाते हैं। इस दिन भगवान शिव के साथ ही माता पार्वती की भी पूजा की जाती है। आइए, हम जानते हैं महाशिवरात्रि की पूजा की तिथि और महत्व के बारे में।
Mahashivratri 2027 की तारीख और पूजा समय:
महाशिवरात्रि के अवसर पर दिन के चार प्रहरों में पूजा की जाती है। निम्नलिखित है महाशिवरात्रि 2027 की तारीख और पूजा का समय...
- चतुर्दशी तिथि की शुरुआत: 06 मार्च 2027, 12:03 PM बजे
- चतुर्दशी तिथि समाप्ति: 07 मार्च 2027, 01:46 PM बजे
- निशिता काल पूजा समय - 12:07 AM से 12:57 AM, 07 मार्च 2027
- शिवरात्रि पारण समय - 07 मार्च को सुबह 06:40 से दोपहर के 01:46 बजे तक
- अवधि - 00 घण्टे 49 मिनट
महाशिवरात्रि 2027 की प्रहर
- महाशिवरात्रि 2027 की पूजा रात्रि के प्रथम प्रहर में: शाम 06:24 से 9:28 PM बजे तक
- महाशिवरात्रि 2027 की पूजा रात्रि के दूसरे प्रहर में: 07 मार्च 2027, 9:28 PM से रात्रि 12:32 AM बजे तक
- महाशिवरात्रि 2027 की पूजा रात्रि के तीसरे प्रहर में: 07 मार्च 2027, 12:32 AM से 3:36 AM बजे तक
- महाशिवरात्रि 2027 की पूजा रात्रि के चौथे प्रहर में: 07 मार्च 2027, 3:36 AM से 6:40 AM बजे तक
महाशिवरात्रि का महत्व और मनाने का कारण
फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का उत्सव मनाया जाता है। यह दिन शिव और शक्ति के मिलन का संकेत होता है। रात्रि के चार प्रहरों में भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं। महाशिवरात्रि का यह महत्वपूर्ण त्योहार भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव और शक्ति की पूजा करने से मनुष्य की सारी इच्छाएँ पूर्ण होती हैं और सभी संकट दूर होते हैं।
महाशिवरात्रि व्रत विधि
महाशिवरात्रि का व्रत एक कठिन व्रत होता है जिसमें दिन भर उपवास और रात्रि में जागरण किया जाता है:
- प्रातः स्नान करके शिवलिंग पर जल, दूध, शहद अर्पित करें।
- बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल चढ़ाएं।
- "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।
- चार पहर की पूजा करें या कम से कम निशीथ काल की पूजा करें।
- अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत का पारण करें।
निष्कर्ष
महाशिवरात्रि 2027 एक अत्यंत शुभ दिन है जब भक्त भगवान शिव की आराधना करके अपने जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करते हैं। अगर आप भी शिवभक्त हैं, तो इस दिन की पूजा विधि, मुहूर्त और महत्व को समझें और पूरे भक्ति भाव से इस पर्व को मनाएं।
FAQs
Sal 2027 me maha shivaratri kab hai?
Dear friends 2027 me maha shivaratri 06 March, 2027 ko hai.
कौन सी शिवरात्रि सबसे बड़ी है?
महाशिवरात्रि भारत और नेपाल के शैव संप्रदाय के हिंदू श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख धार्मिक पर्व है।
इन्हें भी पढ़ें:-
आक का पौधा घर में लगाना चाहिए या नहीं और किस दिन लगाना चाहिए, जानें वास्तु नियम
जल्दी कर्ज उतारने के टोटके - जाने 4 सबसे पावरफुल टोटके
आज ही जानें काला धागा बांधने का तरीका, मंत्र तथा फायदे
जानिए घर में पितरों का स्थान कहाँ होना चाहिए और स्थान कैसे बनाएं
