Ghazipur News: गहमर क्षेत्र में होली के बाद से मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसका असर अब खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पर भी दिखने लगा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे तेज धूप और गर्मी महसूस की गई। अचानक बढ़ी इस गर्मी से गेहूं की फसल पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है, जिससे किसान चिंतित हो गए हैं।
बुधवार सुबह तक मौसम सामान्य था, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा, धूप तेज होती गई। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बढ़ते तापमान की वजह से किसानों को गेहूं की फसल में सामान्य से ज्यादा सिंचाई करनी पड़ रही है। कई किसानों का कहना है कि उन्हें तीन से चार बार तक पानी देना पड़ रहा है।
स्थानीय किसान अरविंद मौर्य उर्फ गप्पू का कहना है कि ज्यादा गर्मी पड़ने से गेहूं का दाना पतला रह सकता है। साथ ही अगर तेज हवा चली तो फसल गिरने का खतरा भी बढ़ जाएगा, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि अगर करीब 15 दिन तक और ठंडक बनी रहती तो गेहूं की फसल की पैदावार बेहतर हो सकती थी।
वहीं किसान श्रीराम पाण्डेय उर्फ मुन्ना बाबा के मुताबिक तेज धूप का असर गेहूं की बालियों पर भी पड़ सकता है। उनका कहना है कि यदि समय पर सिंचाई नहीं हुई तो उत्पादन घट सकता है, जबकि ज्यादा पानी देने से फसल गिरने का खतरा बना रहता है। बढ़ते तापमान की वजह से गेहूं का दाना हल्का रहने की भी आशंका है।
इस मामले में सहायक विकास अधिकारी (कृषि) प्रभाकर पाण्डेय ने बताया कि मार्च के पहले सप्ताह में ही अप्रैल जैसी गर्मी गेहूं की फसल के लिए नुकसानदेह हो सकती है। अधिक तापमान की वजह से फसल पीली पड़ने लगती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे जरूरत के अनुसार हल्की सिंचाई करते रहें, ताकि फसल को ज्यादा नुकसान से बचाया जा सके।
