Ghazipur News: गाजीपुर के भदौरा ब्लॉक क्षेत्र के बारा गांव में स्थित पशु अस्पताल कई वर्षों से बंद पड़ा है। यह अस्पताल वीर अब्दुल हमीद पीएचसी के पुराने भवन में संचालित होता था, लेकिन डॉक्टर और कर्मचारियों के नहीं आने के कारण यहां इलाज की व्यवस्था ठप हो गई है। ऐसे में पशुपालकों को अपने बीमार पशुओं का इलाज झोलाछाप डॉक्टरों से करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
स्थानीय पशुपालक नंदजी यादव, हरीवंश यादव, फिरोज खान, परवेज खान, रमेश, मान्धाता यादव सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि पशु चिकित्सालय के लिए जमीन तो आवंटित की गई है, लेकिन अब तक उस पर भवन का निर्माण नहीं हो सका है। इसी वजह से पुराने और जर्जर पीएचसी भवन में ही पशु अस्पताल चलाया जाता था।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से यहां न तो डॉक्टर आते हैं और न ही कोई कर्मचारी मौजूद रहता है। इसके कारण बारा गांव के साथ-साथ कुतुबपुर, मगरखाई, हरकरनपुर, रोइनी, दलपतपुर और भतौरा गांव के पशुपालकों को अपने पशुओं का इलाज कराने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
पशुपालकों के मुताबिक झोलाछाप और बिना डिग्री वाले डॉक्टरों से इलाज कराने में खर्च भी ज्यादा होता है और कई बार सही इलाज न मिलने से पशुओं की जान तक चली जाती है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द पशु अस्पताल में योग्य डॉक्टर और कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। साथ ही अस्पताल के लिए आवंटित जमीन पर भवन निर्माण पूरा कर नियमित सेवाएं शुरू कराई जाएं, ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके।
