Ghazipur News: गाजीपुर में इन दिनों गंगा नदी के बीच रेत पर अनोखी खेती देखने को मिल रही है। जिन किसानों के पास अपनी कृषि योग्य जमीन नहीं है, वे नदी की बालू पर ही खेती कर रहे हैं। करीब 100 बीघा से ज्यादा क्षेत्र में किसान सब्जियां उगा रहे हैं, जिससे उनके लिए रोज़गार का नया सहारा बन गया है।
यहां किसान ककड़ी, खीरा, तरबूज, करेला और नेनुआ जैसी कई तरह की सब्जियां उगा रहे हैं। किसानों का कहना है कि मार्च के आखिरी हफ्ते से ये ताजी सब्जियां बाजार में पहुंचनी शुरू हो जाएंगी, जिससे उन्हें अच्छी कमाई होने की उम्मीद है।
हालांकि गंगा की रेत पर खेती करना बिल्कुल आसान नहीं है। किसानों के मुताबिक बीज, खाद और कीटनाशक दवाओं पर काफी खर्च करना पड़ता है। बालू में फसल तैयार करने के लिए पौधों की जड़ों में खास तरीके से खाद डाली जाती है, ताकि पौधे मजबूत बनें और अच्छी पैदावार दे सकें।
इस खेती में सबसे बड़ी परेशानी सिंचाई की होती है, क्योंकि वहां पानी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में किसान गंगा का पानी बाल्टी और डिब्बों में भरकर पौधों की जड़ों में डालते हैं।
कुछ किसानों ने रेत में छोटे-छोटे कुएं भी खोद रखे हैं, जिनमें गंगा का पानी रिसकर भर जाता है। इसी पानी से वे अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं।
कठिन हालात और सीमित संसाधनों के बावजूद किसानों की मेहनत रंग ला रही है। उन्हें उम्मीद है कि इस सीजन में उनकी सब्जियों की अच्छी पैदावार होगी और बाजार में अच्छी कीमत भी मिलेगी।
