Smart Meter: पिछले कुछ समय से स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। जिन मीटरों को पारदर्शिता और सुविधा के लिए लगाया गया था, वही अब कई उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। दावा है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद सिर्फ 45 दिन में ही हजारों रुपये का बिजली बिल आ रहा है, जिससे लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
नए और पुराने उपभोक्ताओं में बढ़ी चिंता
बढ़ते बिलों की खबरों के बाद नए कनेक्शन लेने वाले लोग भी चिंतित हैं। वहीं पुराने उपभोक्ता भी अब खुलकर शिकायत दर्ज करा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि स्मार्ट मीटर लगवाना लोगों के लिए टेंशन का कारण बन गया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर 45 दिन में इतना ज्यादा बिल कैसे आ रहा है?
कालाढूंगी इलाके में बढ़ीं शिकायतें
जानकारी के मुताबिक कालाढूंगी इलाके में स्मार्ट मीटर लगवाने वाले उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां कई लोगों ने स्मार्ट मीटर को प्रीपेड में बदलवा लिया, लेकिन समस्याएं कम होने के बजाय और बढ़ गईं।
अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने से बिल से जुड़ी परेशानियां खत्म होंगी, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि उल्टा बिल ज्यादा आने लगा है।
बिजली दफ्तर के चक्कर काट रहे लोग
ज्यादा बिल आने से नाराज उपभोक्ता बिजली घर पहुंचकर एसडीओ का घेराव कर रहे हैं। लोग समाधान की मांग कर रहे हैं और दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर की रीडिंग में गड़बड़ी हो रही है, जिसकी वजह से बिल बढ़कर आ रहा है।
हाल ही में विजयपुर, गुलजापुर और पूरनपुर गांव के कई ग्रामीण बढ़े हुए बिल की शिकायत लेकर पहुंचे। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर की फीडिंग में गड़बड़ी के कारण बिल अटक गया या अचानक बढ़ गया।
44-45 दिन में हजारों का बिल
कई घरों में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद उसे प्रीपेड में बदला गया, लेकिन अब वही उपभोक्ता पछता रहे हैं।
एक उपभोक्ता हेमा मेहता का कहना है कि उनके पति दिव्यांग हैं और उनका दो कमरों का छोटा सा घर है। इसके बावजूद 44 दिन में करीब 18,937 रुपये का बिल आ गया।
वहीं दीपक नाम के उपभोक्ता ने बताया कि 45 दिन का बिल लगभग 16 हजार रुपये के आसपास आया। प्रेमा तिवारी का कहना है कि वह मजदूरी कर परिवार चलाती हैं और एक महीने में करीब 8 हजार रुपये का बिल आ गया। इसके अलावा एक अन्य उपभोक्ता को दो महीने का करीब 13 हजार रुपये का बिल मिलने की बात कही गई है।
सर्दियों में भी गर्मियों जैसा बिल!
उपभोक्ताओं का आरोप है कि जो बिल पहले गर्मियों में आता था, अब वैसा ही बिल सर्दियों में भी आ रहा है। कई लोगों का कहना है कि जैसे ही बैलेंस माइनस होता है, उन्हें कनेक्शन कटने का डर सताने लगता है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के एसडीओ से मुलाकात कर नाराजगी जताई। कुछ लोगों ने तो कनेक्शन काटने तक की बात कह दी।
अधिकारियों ने क्या कहा?
ऊर्जा निगम के एसडीओ का कहना है कि पुराने मीटर की रीडिंग के कारण भी समस्या हो सकती है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मीटर की एमआरआई जांच कर डेटा निकाला जाएगा और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। लेकिन बढ़ते बिजली बिलों ने स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।
