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राशि अनुसार पूजा विधि: सही फूल, फल और दीपक से मनोकामनाएं करें शीघ्र पूर्ण

कौन सा फूल, फल और दीपक जलाएं जिससे शीघ्र फल प्राप्त हो?

भगवान की पूजा करते समय यदि सही विधि, उपयुक्त सामग्री और ज्योतिष के अनुसार चयन किया जाए, तो मनोकामनाओं की पूर्ति शीघ्र होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रत्येक राशि का स्वभाव, ग्रह और ऊर्जा अलग-अलग होती है, इसलिए राशिनुसार पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है। इस लेख में 12 राशियों के अनुसार पूजा विधि तथा उससे प्राप्त होने वाले फलों का विवरण प्रस्तुत है - 

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मेष राशि (Mesh Rashi)

मेष राशि के जातक स्वभाव से चंचल और ऊर्जावान होते हैं। उन्नति के लिए रविवार के दिन सूर्य भगवान को जल अर्पित करना चाहिए। यदि विवाह में विलंब हो रहा हो तो शुक्रवार को सफेद वस्तुओं, जैसे चावल की खीर या सफेद बर्फी, का दान स्त्रियों या बच्चों को करना लाभकारी होता है। यदि कोई रोग हो, तो मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें तथा हनुमान जी को तुलसी अर्पित करें। विद्यार्थियों को शिक्षा में सफलता के लिए लक्ष्मी जी और सरस्वती जी की पूजा करनी चाहिए।

वृष राशि (Vrishabh Rashi )

वृष राशि के जातक स्वभाव से कुछ हठी (जिद्दी) होते हैं। उन्नति के लिए इन्हें भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। विवाह में विलंब होने पर मंगलवार को देवी की आराधना करना लाभदायक होता है। यदि लंबे समय से रोगग्रस्त हों, तो श्रीकृष्ण की पूजा करें। विद्यार्थियों को शिक्षा और प्रतियोगिता में सफलता के लिए शनिवार को काली माता के दर्शन करने चाहिए।

मिथुन राशि (Mithun Rashi)

मिथुन राशि के जातक प्रायः संशय और द्वंद्व में रहते हैं। उन्हें बुधवार और शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। यदि विवाह में देरी हो रही हो, तो भगवान विष्णु को पीला वस्त्र अर्पित करें। स्वास्थ्य लाभ के लिए शनिवार को शनिदेव के दर्शन करें तथा शमी के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए भैरव जी के दर्शन करना लाभकारी रहता है।

कर्क राशि (Kark Rashi)

कर्क राशि के जातक भावुक और संवेदनशील होते हैं। उन्नति के लिए मंगलवार को हनुमान चालीसा, संकटमोचन और बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए। विवाह में बाधा होने पर शनिवार को शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। रोग निवारण के लिए शनिवार को पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करें। विद्या में सफलता के लिए तांबे के पात्र में गुड़ और रोली मिलाकर रविवार को सूर्य भगवान को अर्घ्य दें। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए गुरुवार और शुक्रवार को लक्ष्मी-नारायण के दर्शन करें।

सिंह राशि (Singh Rashi)

सिंह राशि के जातकों को जीवन में अधिक संघर्ष करना पड़ता है। इन्हें भगवान कृष्ण को लाल फूल और तुलसी अर्पित करनी चाहिए। शिक्षा में सफलता के लिए बुधवार को गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं और लाल चंदन का तिलक लगाएं। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए मंगलवार को सात लौंग की माला अर्पित करें। विवाह संबंधी दोषों के निवारण हेतु प्रत्येक शनिवार को शनिदेव के दर्शन करें। स्वास्थ्य के लिए भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।

कन्या राशि (Kanya Rashi)

कन्या राशि के जातक प्रायः आवश्यकता से अधिक धन कमाने की चिंता में लगे रहते हैं। उन्हें उन्नति के लिए शनिवार को शमी के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। विवाह के लिए प्रत्येक पूर्णिमा को भगवान सत्यनारायण की पूजा करें। स्वास्थ्य के लिए मंगलवार को दुर्गा जी की आराधना करें। विद्यार्थियों को शुक्रवार को लक्ष्मी चालीसा का पाठ करना चाहिए तथा सफेद वस्त्र धारण करने चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए सफेद घोड़े को हरी घास खिलाना शुभ माना गया है।

तुला राशि (Tula Rashi)

तुला राशि के जातक स्वभाव से कभी-कभी लापरवाह होते हैं। उन्हें सफलता के लिए काली माता के दर्शन करने चाहिए। यदि विवाह में विलंब हो रहा हो, तो मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करें। स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रत्येक शुक्रवार सायंकाल मीठा चावल गाय को खिलाएं। विद्या में सफलता के लिए प्रतिदिन दुर्गा चालीसा का पाठ करें। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए बुधवार को गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें तथा घर में कपूर जलाकर सभी कमरों में घुमाएं।

वृश्चिक राशि (Vrishchik Rashi)

वृश्चिक राशि के जातक अपने कार्यों में बाधा आने पर अधिक चिंतित हो जाते हैं। उन्हें सफलता के लिए गुरुवार को गोपाल सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए। शीघ्र विवाह के लिए प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। स्वास्थ्य के लिए बुधवार को गणेश-गौरी की पूजा करें। शिक्षा में सफलता के लिए विद्यार्थियों को गुरुवार को शिवलिंग पर केसर, दूध और जल से अभिषेक करना चाहिए।

धनु राशि (Dhanu Rashi)

धनु राशि के जातकों का स्वभाव थोड़ा कठोर होता है और ये छोटी-छोटी बातों पर शीघ्र क्रोधित हो जाते हैं। उन्नति के लिए लगातार 8 मंगलवार हनुमान चालीसा का पाठ करें। विवाह में देरी होने पर प्रत्येक बुधवार को गणेश जी को पान अर्पित करें। स्वास्थ्य के लिए प्रत्येक सोमवार शिवजी को चंदन का लेप लगाएं। अच्छी शिक्षा के लिए शनिवार को शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए रविवार को सूर्य को अर्घ्य दें तथा आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

मकर राशि (Makar Rashi)

मकर राशि के जातक गंभीर, धैर्यवान और अनुशासित होते हैं। उन्नति के लिए प्रत्येक शनिवार शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए शुक्रवार को सफेद वस्तुओं का दान करें। स्वास्थ्य के लिए सोमवार को शिवलिंग पर भांग या धतूरा अर्पित करें। शिक्षा के लिए बुधवार को गणेश जी की पूजा करें या गाय को हरा चारा खिलाएं। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए गुरुवार को पीले वस्त्र धारण करें, केले के वृक्ष को जल दें और उसकी मिट्टी का तिलक लगाएं। समस्त समस्याओं के समाधान हेतु शिवजी की पूजा अत्यंत लाभकारी है।

कुंभ राशि (Kumbh Rashi)

कुंभ राशि के जातक अक्सर दूसरों के कार्यों में उलझे रहते हैं, जिससे उन्हें परेशानी होती है। उन्नति के लिए प्रत्येक शुक्रवार मां लक्ष्मी की पूजा करें। यदि विवाह में कोई दोष हो, तो भगवान विष्णु को पीला वस्त्र अर्पित करें और चंदन लगाएं। स्वास्थ्य के लिए शनिदेव को तेल अर्पित करें। संभव हो तो घर में शमी का वृक्ष लगाएं और प्रतिदिन सरसों के तेल का दीपक जलाकर जल अर्पित करें। विद्यार्थियों के लिए शिवजी की आराधना तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए भैरव जी की उपासना लाभकारी है।

मीन राशि (Meen Rashi)

मीन राशि के जातक कल्पनाशील होते हैं, परंतु कभी-कभी जिम्मेदारियों से बचते हैं। उन्हें प्रत्येक मंगलवार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। विवाह में देरी होने पर शनिवार को शनिदेव के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। स्वास्थ्य के लिए शनिवार को पीपल के वृक्ष के नीचे दूध मिला जल अर्पित करें। विद्यार्थियों को शिक्षा में सफलता के लिए रविवार को तांबे के पात्र में रोली और गुड़ मिलाकर सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए गुरुवार और शुक्रवार को भगवान विष्णु के दर्शन करें, पीले वस्त्र अर्पित करें तथा लक्ष्मी-नारायण व्रत रखें।

निष्कर्ष

राशि के अनुसार की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। उचित फूल, फल और दीपक के साथ की गई आराधना से मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

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