Ghazipur News: गहमर में गंगा नदी पर बने बारा-फिरोजपुर पीपा पुल और उसके पहुंच मार्ग पर बिछाई गई लोहे की प्लेटें जगह-जगह बिखर गई हैं। इस वजह से पुल से गुजरना लोगों के लिए काफी मुश्किल और जोखिम भरा हो गया है।
पुल पर बिखरी इन प्लेटों के कारण चार पहिया वाहनों के टायर फटने का खतरा बना हुआ है। वहीं दोपहिया वाहन और साइकिल सवार प्लेटों से टकराकर गिर रहे हैं और चोटिल भी हो रहे हैं। इससे रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल, यह पीपा पुल सेवराई और मोहम्मदाबाद तहसील क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी राज्य बिहार के कई गांवों को गंगा नदी के रास्ते जोड़ता है। इस साल गंगा की धारा तीन हिस्सों में बंट गई है, जिसके कारण लोगों को तट से काफी दूर तक रेत में चलकर जाना पड़ रहा है।
लोगों की सुविधा के लिए रेत वाले हिस्से में लोहे की प्लेटें बिछाई गई थीं, ताकि आवागमन आसान हो सके। लेकिन सही देखरेख नहीं होने के कारण ये प्लेटें अब इधर-उधर बिखर गई हैं और रास्ता और भी मुश्किल बन गया है।
इसके अलावा बारा की तरफ का पहुंच मार्ग काफी खतरनाक हो गया है, जबकि फिरोजपुर की ओर का रास्ता भी बेहद खराब हालत में है। खराब सड़क और बिखरी प्लेटों के कारण वाहन चालक तेज धूप और गर्मी में फंसकर और ज्यादा परेशान हो रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस साल पीपा पुल पर आवागमन शुरू होने में ही काफी देर हुई, और अब इसकी देखरेख भी भगवान भरोसे है। गांव के वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली कुशवाहा, श्रीराम पाण्डेय उर्फ मुन्ना बाबा, सुनील सिंह बीडीसी, गुप्तेश्वर यादव, शाहिद खान पहलवान, मोहसिन खां, मंजूर खां, जमाल खां, इसरार खां, आदिल खां और सच्चिदानंद वीराना सहित कई लोगों ने आरोप लगाया कि पुल की देखरेख के लिए कोई कर्मचारी तैनात नहीं है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि न तो कोई अधिकारी निरीक्षण के लिए आता है और न ही समस्या पर ध्यान दिया जा रहा है। उनका कहना है कि पहले कभी इस तरह की खराब व्यवस्था नहीं रही और प्रशासन की लापरवाही की वजह से लोगों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
इस मामले में निर्माण खंड-एक के सहायक अवर अभियंता (जेई) रामवीर सिंह यादव ने बताया कि ठेकेदार को स्थिति सुधारने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही रास्ते को ठीक कराकर आवागमन को सुचारू बनाया जाएगा।
