Welcome to Dildarnagar!

Featured

Type Here to Get Search Results !

CM योगी ने बनारस के चकबंदी अधिकारी, कानूनगो, लेखपाल समेत 8 को किया निलंबित

0

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार, अनियमितता और आम नागरिकों की शिकायतों, समस्याओं की उपेक्षा करने के मामले में वाराणसी के चकबंदी उप संचालक (डीडीसी) समेत दो विभागों के आठ अफसरों को निलंबित कर दिया गया है। चकबंदी में अनियमितता की जांच वाराणसी के मंडलायुक्त को सौंपी गई है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद आयुक्त चकबंदी ने डीडीसी प्रकाश राय, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी संजय राय, चकबंदी अधिकारी शैलेंद्र द्विवेदी, चकबंदी अधिकारी लाल सिंह, पेशी कानूनगो राजेश कुमार, चकबंदीकर्ता अमित कुमार सिंह और चकबंदी लेखपाल मंगला चौबे को निलंबित किया है।  मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता द्वारा खरीदी गई जमीन या उसके समतुल्य भूमि पर तत्काल कब्जा दिलाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमत्री से वाराणसी की तहसील पिंडरा के अंतर्गत चकबंदी कार्य में अनियमितता की शिकायत की गई थी। इसमें बताया गया कि तहसील पिंडरा में वर्ष 1991 में जमीन ली गई थी। इसके बाद भी पीड़ित को जमीन पर कब्जा नहीं दिया गया। इसके साथ ही जब चकबंदी प्रक्रिया शुरू हुई तो इसमें अनियमितता बरती गई। जमीन आबादी की थी, लेकिन इसके अन्य दिखा दिया गया।

निदेशक आंतरिक लेखा निलंबित

मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही स्थानांतरण नीति की उपेक्षा कर दोषपूर्ण रीति से कार्मिकों का स्थानांतरण करने के प्रकरण में तत्कालीन निदेशक, आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा संतोष अग्रवाल को भी निलंबित कर दिया गया है। वह फिलहाल कार्यालय निदेशक कोषागार के यहां से संबद्ध हैं। ‌वह अगले महीने रिटायर होने वाली हैं। आरोप हैं कि उन्होंने  458 तबादले नियम विरुद्ध कर दिए थे। उन्हें पद से हटाकर दो सदस्यीय कमेटी को जांच करने के आदेश दिए गए थे। जांच कमेटी की रिपोर्ट पर ही उन्हें निलंबित किया गया है.

Post a Comment

0 Comments

Top Post Ad

Below Post Ad