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पूर्वांचल विश्वविद्यालय में स्नातक प्रथम वर्ष में बहुविकल्पीय प्रश्न पत्र से होगी 10 विषय की परीक्षा

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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शनिवार को आनलाइन विद्या परिषद की बैठक हुई। जिसमें स्नातक प्रथम वर्ष के दस विषय में छात्रों की परीक्षा बहुविकल्पीय प्रश्न पत्र से कराने पर सहमति बनी। इसके अलावा अब अनुदानित महाविद्यालय के सभी शिक्षक शोध निर्देशक बनेंगे।

बैठक कुलपति सभागार में कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस मौर्य की अध्यक्षता में हुई। जिसमें स्नातक प्रथम वर्ष के प्राचीन इतिहास, इतिहास, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, गृह विज्ञान, शिक्षाशास्त्र, दर्शनशास्त्र, भूगोल एवं वाणिज्य, विज्ञान के स्नातक प्रथम वर्ष के प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा को बहुविकल्पीय आधार पर कराने पर सहमति बनी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन किए जाने का भी निर्णय हुआ। विश्वविद्यालय से संबद्ध राजकीय व अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत नियमित अध्यापकों को शोध निर्देशक बनाने की सहमति बनीं। नियमित शिक्षकों की सूचना पूर्वांचल विश्वविद्यालय को करीब 50 फीसद कालेजों ने नहीं दी था। इस दौरान उन्हें एक सप्ताह की मोहलत दी गई। राजभवन के निर्देश पर विश्वविद्यालय में महिला अध्ययन केंद्र चलाने पर सहमति बनीं। जिसमें एमए दो वर्षीय वूमन स्टडीज पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे।

एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा इन जेंडर एंड वूमन स्टडीज व पाठ्यक्रम आगामी सत्र से शुरू किया जाएगा। बीएससी आनर्स बायोटेक्नोलाजी पाठ्यक्रम में एकल विषय बायो ग्रुप में चलाए जाने की सहमति बनी। स्नातक स्तर पर बीएससी पर्यावरण विज्ञान पाठ्यक्रम परिसर में विभाग में प्रारंभ किए जाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान कहा गया कि विश्वविद्यालय परिसर में भाषा केंद्र स्थापित करने के साथ प्रवेश प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। बैठक में कुलसचिव महेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह, प्रो.एके श्रीवास्तव, प्रो.रजनीश भास्कर, प्रो.मानस पांडेय, प्रो.अजय द्विवेदी, डाक्टर समर बहादुर सिंह, डाक्टर आलोक सिंह, सहायक कुलसचिव अजीत प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे। टेक्निकल सपोर्ट डाक्टर सुरजीत कुमार, डाक्टर धर्मेंद्र सिंह, प्रशांत कुमार का रहा।

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