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वाराणसी: नए आम के बाग लगाने की तैयारी, पुराने बगीचों का भी होगा जीर्णोद्धार

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किसानों की आमदनी दोगुना करने के लिए आम के बगीचों के जीर्णोद्धार की योजना बनाई गई है। इसके अलावा 20 हेक्टेयर में नए आम के बाग लगाने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यही नहीं बाग लगाने के लिए 20 हजार प्रतिहेक्टेयर किसानाें को अनुदान भी देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है।

किसानाें की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने मनरेगा के तहत मुख्यमंत्री फलोद्यान योजना शुरू की गई है। इसके तहत लघु व सीमांत श्रेणी के किसानों को बाग लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। निजी खेत में आम का बगीचा लगाने के लिए किसानों को पौधे से लेकर खाद तक मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा मजदूरी का खर्च भी प्रदेश सरकार उठाएंगी। वहीं किसान निर्धारित दरों पर पौधे खरीदने के लिये स्वतंत्र होंगे। यदि कोई किसान पौधा खरीदने में असमर्थ होगा तो ऐसे किसानाें को जिला उद्यान विभाग पौधा भी उपलब्ध कराएगा। पौधे के मूल्य को भौतिक सत्यापन के बाद अनुदान राशि में समाहित किया जायेगा। इस योजना में किसानों का चयन क्लस्टर बनाकर किया जायेगा। चयनित किसानों को कम से कम एक एकड़ और अधिकतम 5 एकड़ की सीमा तक एक बार अथवा टुकड़ों में योजना का लाभ लेने की पात्रता होगी।

जिला उद्यान अधिकारी संदीप गुप्त ने बताया कि आम का बाग लगाने का इबसे उपयुक्त समय चल रहा है। इसे देखते हुए बाग के बगीचे के जीर्णोद्धार के साथ-साथ नए बाग लगवाने की योजना बनाई है। आम का बाग लगाने में खर्च कम आमदनी अधिक है। एक बार बाग लगाने के बाद इसका लाभ किसानों को लंबे समय तक मिलता है। उन्होंने बताया कि जनपद में 20 बागवानों को चयनित किया गया। इसके तहत किसानों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है। बाग के जीर्णोद्धार का काम भी इसी माह शुरू कराने का निर्णय लिया गया है।

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