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गाजीपुर: कोरोना काल की पढ़ाई, 100 दिन में होगी भरपाई

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कोविड-19 के कारण लंबे समय तक बंद पड़े विद्यालयों के प्रति बच्चों का पुन: आकर्षण व बच्चों के पठन-पाठन में हुए नुकसान को पूरा करने के लिए 100 दिन का मिशन प्रेरणा ज्ञानोदय अभियान चलाया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि इस दौरान चुनिदा बिदुओं पर बच्चों को पढ़ाकर कोरोना काल में नुकसान हुई पढ़ाई की भरपाई की जा सके।

अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार की तरफ से जारी पत्र में निर्देशित किया गया है कि कोविड प्रोटोकाल के संबंध में उत्पन्न जिज्ञासाओं को दूर करने तथा मिशन प्रेरणा के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अभियान मोड में कार्य करने की जरूरत है। प्रेरणा ज्ञानोत्सव कैंपेन के तहत कई गतिविधियां हो रही हैं। विद्यालय खुलने के पहले दिन से ही इस अभियान की शुरुआत हो गई जो 100 दिन तक चलेगा। खंड शिक्षाधिकारी सभी प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक कर रहे हैं। शिक्षा चौपाल का भी आयोजन कर कार्य योजना बना रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 'प्रेरणा ज्ञानोत्सव' अभियान के तहत समृद्ध हस्त पुस्तिका पर आधारित रिमीडियल टीचिग संचालित की जा रही है। प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के क्षमता संवर्धन के दृष्टिगत समृद्ध हस्तपुस्तिका पर आधारित प्रशिक्षण भी हो रहा है। विद्यालय द्वारा प्रत्येक गांव, मोहल्ले में शिक्षा चौपाल का आयोजन किया जाएगा। इस हस्तपुस्तिका पर आधारित रिमीडिययल शिक्षण करने के 100 दिन बाद सभी बच्चों का अंतिम आकलन परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। विद्यालय द्वारा प्रत्येक बच्चे का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। मासिक पंचांग के अनुसार चल रहीं कक्षाएं।

इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय देवकठियां ब्लाक बिरनो के प्रधानाध्यापक अवधेश कुमार यादव बताते हैं कि कक्षा एक से पांच तक लक्ष्य निर्धारित कर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। विभाग द्वारा कोविड-19 के ²ष्टिगत 'मिशन प्रेरणा ई-पाठशाला' के तहत प्रत्येक कक्षा और विषय के लिए मासिक पंचांग के अनुसार कक्षावार एवं विषयवार सामग्री सप्ताह के प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को वाटसएप ग्रुप्स के माध्यम से शिक्षकों से साझा की जा रही हैं। साझा की गई सामग्री द्वारा बच्चों को अभ्यास एवं हल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। शिक्षक और अभिभावक के बीच संवाद स्थापित करने की कोशिश हो रही है। अध्यापकों द्वारा अभिभावकों से विद्यालय के वाटसएप ग्रुप से जुड़ने, दूरदर्शन से प्रसारित शैक्षिक कार्यक्रमों को देखने तथा दीक्षा एप डाउनलोड कर बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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