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गाजीपुर में करीब सवा घंटे रहे CM, बैठक कर जाना बाढ़ का हाल, पीड़ितों को दी सहायता

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह वाराणसी से गाजीपुर पहुंचे। इस दौरान गहमर इंटर कॉलेज में बाढ़ के मद्देनजर राहत और बचाव कार्य के हालात का जायजा लिया। एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर में प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ नाथ द्वारा बाढ़ प्रभावित 182 परिवारों में राहत सामग्री का वितरण किया गया। इसके बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों में व्यवस्थाओं के मद्देनजर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

मीडिया से बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हरियाणा के बांध से अतिरिक्त जल छोड़ने के कारण यमुना, चंबल और बेतबा में अत्याधिक जल प्रवाह के कारण प्रदेश के 24 जिलों के 600 गांव में बाढ़ का असर बना है। कहा की गाजीपुर में डेढ़ लाख की आबादी प्रभावित हुई है। राहत एव बचाव कार्य की जानकारी दी। 

सीएम सुबह 10.32 बजे गहमर इंटर कॉलेज पहुंचे। 11 बजे तक राहत सामग्री वितरण और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उसके बाद मीडिया ब्रीफिंग कर 11.20 बजे तक सीएम कार्यक्रम स्थल छोड़ रवाना हो गए। इससे पहले करीब 10 मिनट तक हवाई सर्वेक्षण किया। कार्यक्रम के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे।  

गहमर इंटर कॉलेज पर पहुंचकर सीएम ने पीड़ितों का हालचाल जाना और उसके बाद राहत सामग्री का वितरण शुरू किया गया। 11 बजे राहत सामग्री वितरण का कार्यक्रम संपन्न हुआ। राहत सामग्री में आटा दस किलो, आलू 10 किलो, अरहर की दाल दो किलो, नमक 500 ग्राम, हल्दी 250 ग्राम, मिर्चा 250 ग्राम, धनिया 250 ग्राम, रिफाइन एक लीटर, लाई एक बोरी, साबुन दो पीस, मोमबत्ती एक पैकेट, सलाई एक पैकेट, बिस्कुट दो पैकेट शामिल है। 

राशन वितरण और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने करीब छह मिनट तक संवाद किया। इस दौरान बाढ़ पीड़ितों के हित के लिए किए जा रहे सरकार के प्रयासों से अवगत कराते हुए तैयारियों के बारे में भी जानकारी दी। सीएम योगी ने कहा कि  मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा से छोड़े गए अतिरिक्त पानी की वजह से प्रदेश में बाढ़ आई है। जिसकी वजह से यूपी के 24 जिलों में 620 गांव प्रभावित हैं।

प्रदेश सरकार द्वारा बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद की जा रही है। जिला प्रशासन को राहत सामग्री वितरित करने के निर्देश दिए गए है। जहा संभावित कटान की आशंका है वहां धन की कोई कमी नहीं की जाएगी। जनप्रतिनिधियों एवं पुलिस विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे बाढ़ पीड़ितों के बीच जाकर बिना भेदभाव के उनके समस्याओं का गंभीरतापूर्वक निस्तारण करें।

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