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गाजीपुर: धनतेरस की खुशियां काफूर, मां की गोद सूनी, उजड़ा सुहाग

सड़क हादसे ने जहां धनतेरस पर्व की खुशियां अहिरौली गांव से छीन ली, वहीं माताओं की गोद सूनी और सुहागिनों का सुहाग उजाड़ दिया। गांव में चीख-पुकार और परिजनों के दर्द से आस-पास के सटे गांवों में भी मातमी सन्नाटा छा गया।

हादसे में मृत वीरेंद्र राम मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। सड़क किनारे कच्चे मकान में वह अपनी पत्नी रामा देवी, पुत्र अखिलेश, दीपक और पुत्री खुशबू के साथ रहते थे। बिटिया की शादी की तैयारी भी की जा रही थी। धनतेरस पर्व पर घर की साफ-सफाई करने में पत्नी और पुत्री जुटी हुई थीं। वहीं वीरेंद्र बंद चाय की दुकान के बाहर चौकी पर बैठकर लोगों से बात कर रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि ट्रक मौत बनकर उन्हें अपनी आगोश में ले लेगा। 

परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि सारे सपने टूटकर बिखर गए। हीरा ठाकुर के चार पुत्रों में सबसे बड़ा सत्येंद्र ठाकुर सड़क किनारे गुमटी में सैलून चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। घटना के बाद पत्नी खुशबू बिलखते-बिलखते अचेत हो जा रही थी। वहीं मां को रोता देख मासूम माही और रिया भी रोने लग जा रही थीं। मासूमों को बिलखता देख वहां मौजूद ग्रामीणों की आंख भर जा रही थी। जीयनदासपुर गांव निवासी उमाशंकर यादव सुबह ही टांगी में धार पकड़ाने के लिए घर से तीन किलोमीटर दूर अहिरौली चट्टी पर पहुंच गए थे। 

परिवार के लोगों को जैसे ही अहिरौली चट्टी पर हादसे की सूचना मिली ग्रामीणों के साथ वहां पहुंचे तो उनके शव को देखकर बिलखने लगे। ग्रामीणों में इस बात को लेकर चर्चा थी कि आखिरकार मौत ही उनको गांव से तीन किलोमीटर दूर खींचकर ले गई थी। अहिरौली गांव निवासी दरोगा यादव के पुत्र सत्यम उर्फ गोलू यादव इंटरमीडिएट का छात्र था। वह चट्टी पर खड़ा होकर लोगों की बात सुन रहा था कि हादसे में उसकी भी कुचलकर मौत हो गई। 

पुत्र के शव को देख माता-पिता रोते-रोते बार-बार अचेत हो जा रहे थे। डा. भगवान राय के पुत्र चंद्रमोहन राय कुंडेसर में होमियो मेडिकल की दुकान चलाते थे। वे घर से चट्टी पर आकर दुकान के बाहर लगी चौकी पर बैठकर लोगों से बात कर थे। हादसे में उनकी कुचलकर मौत की सूचना मिलते ही पत्नी गुंजा, पुत्र कृष्ण मोहन, कान्हा और पुत्री खुशी बिलख रही थी। अहिरौली गांव के ही श्याम बिहारी कुशवाहा की यूसुफपुर बाजार में इलेक्ट्रॉनिक की दुकान थी। सुबह वह दुकान के लिए निकले। गांव के चट्टी पर पहुंचे तो गांव के अन्य लोगों से बात करने लगे। ट्रक से कुचलकर उनकी मौत की सूचना मिलते ही अन्य दुकानदार घटना स्थल पर पहुंच गए और परिवार के लोगों को सांत्वना देने में जुटे रहे।

डीएम ने एनएचआई के अधिकारियों को किया तलब

मुहम्मदाबाद अहिरौली गांव के बाहर ट्रक से कुचलकर छह लोगों की मौत और जाम की सूचना पर पहुंचे डीएम मंगला प्रसाद सिंह को ग्रामीणों ने करीब एक किमी तक सड़क पर घुमाया। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के दोनों तरफ दो-दो फीट के गड्ढे हैं। पटरी तक नहीं बनाई गई। यही नहीं सड़क के निर्माण में मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस पर तत्काल डीएम ने मौके से ही फोन कर एनएचएआई के अधिकारियों को फाइल के साथ तलब किया है। 

पटरी न होना, बना हादसे का कारण

मुहम्मदाबाद कोतवाली के शाहनिंदा से आगे बढ़ने पर कुंडेसर चट्टी तक सड़क के किनारे पटरी नहीं है। स्थिति यह है कि दोनों तरफ गड्ढे हैं। वाहन जरा भी सड़क पर अनियंत्रित हुआ तो सीधे गड्ढे में जाने के साथ हादसे का कारण बनता है। यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि इतना बड़ा हादसा आज पटरी न होने के कारण ही हुआ है। अगर पटरी रही होती तो शायद इतने लोगों की मौत नहीं होती। पटरी निर्माण के लिए कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन परिणाम कुछ नहीं निकला।

जनप्रतिनिधियों का लगा जमावड़ा

गाजीपुर हादसे की जानकारी होते ही गांव की तरफ जनप्रतिनिधियों ने रुख कर लिया। मुहम्मदाबाद के पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी, ब्लाक प्रमुख अवधेश राय, बसपा के माधवेंद्र राय, बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गुलाब, भाजपा नेता वीरेंद्र राय, मनोज राय, दिनेश वर्मा, रामजी गिरी, अहिरौली के ग्राम प्रधान मनीष जायसवाल ने पहुंचकर परिजनों को सात्वंना देने के साथ दुख प्रकट किया।

अहिरौली से सुरतापुर है ब्लैक स्पाट

मुहम्मदाबाद अहिरौली से सुरतापुर तक ब्लैक स्पाट माना जाता है। इन दोनों गांवों के बीच में कई हादसों में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। तीन और चार की संख्या में लोग सड़क हादसे के शिकार हुए हैं। ऐसे में ट्रक से कुचलकर एक साथ छह लोगों की मौत की घटना ने क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। हादसे को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा ठोस कदम न उठाए जाने को लेकर लोगों के चेहरे पर आक्रोश था।

पोस्टमार्टम हाउस पर उमड़ी भीड़

गाजीपुर सड़क हादसे में एक ही गांव के पांच और जीयनदासपुर गांव के एक व्यक्ति की कुचलकर मौत की सूचना ने जिले के लोगों को सकते में डाल दिया। दोपहर बाद जैसे ही सभी मृतकों का शव पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचा लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग अपनी संवेदना व्यक्त करने के साथ परिजनों को सात्वंना देने के साथ ट्रक चालक को कोसते नजर आए। वहां मौजूद हर किसी की आंखों में आंसू तो था ही दर्दनाक मंजर को सुनकर जुबान कांप जा रही थी।

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