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मौसम परिवर्तन से बढ़ने लगी क्रोनिक डिसीज, डाक्टर चिंतित - Ghazipur News

मौसम के परिवर्तन के बीच सूरज की तपिश बीमारियों को जन्म दे रही है। यही वजह है कि जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। सबसे अधिक उल्टी, दस्त व बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों ने सबसे अधिक बुजुर्गों को सावधान रहने की जरुरत बताया है।

जिले में अधिकतम तापमान सुबह दस बजे के बाद से ही चढ़ने लग रहा है। दोपहर आते आते सूरज आग उगलने लगता है और लोगों का शरीर का सामान्य ताप बढ़ जाता है गर्म हवाओं का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है और परिवर्तन ने चिकित्सकों की चिंता भी बढ़ा दी है। शहर के गोराबाजार स्थित जिला अस्पताल में शुक्रवार को करीब डेढ़ सौ से अधिक मरीज बुखार, पेट दर्द, सिर दर्द सहित उल्टी, दस्त की शिकायत लेकर ओपीडी में दिखाने पहुंचे थे।

सर्जन डा. एके पाण्डेय ने बताया कि मौसम परिवर्तन के बाद क्रोनिक डिसीज बढ़ती हैं। पुराने रोग उभरकर सामने आने लगते हैं। गर्मी का असर खान-पान पर दिखाई देने से स्वास्थ्य पर भी असर डालता है। इस दौरान लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। क्योकि कड़ी धूप में पानी की अधिकांश मात्रा पसीने से जहां निकल जाती है, पानी की कमी पूरी नहीं होने पर सिर दर्द, बदहजमी, पेट दर्द, पैरों में दर्द जैसी शिकायत होने लगती है। इससे उल्टी व दस्त भी शुरू हो जाते है। इससे बचाव के लिए लोगों गर्मी को देखते हुए अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। इस दौरान अधिक चिकनाई युक्त भोजन करने से बचना चाहिए। बच्चों व बुजुर्गों को भी सावधान रहने की जरूरत है।

किडनी संबंधित रोगों के उभरने की शिकायत

मौसम में बढ़ती तपिश के कारण किडनी से संबंधित रोगों के उभरने की शिकायत बनती है। सर्जन डा. वी राय ने बताया कि किडनी के मरीजों को इस दौरान बचकर रहना चाहिए। चिकना युक्त भोजन नहीं करनी चाहिए। गर्मी में किसी भी व्यक्ति को ठंड के मौसम की तुलना में भूख कम लगती है। इससे आंतों में भी सिकुड़न खत्म हो जाती है। ऐसे में शरीर बिल्कुल क्रियाशील होकर काम करता है। इससे व्यक्ति को अधिक उर्जा की जरूरत पड़ती है। इसलिए फल व हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए।

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