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गाजीपुर में बरसात से गंगा की उफनाती लहरों ने बढ़ाई धुकधुकी

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गाजीपुर में बरसात और डैम से छोड़े गए पानी का असर शुक्रवार रात से दिखना शुरू हो गया। शुक्रवार को गंगा में तेजी से जलस्तर बढ़ा जो शनिवार शाम तक जारी रहा। आंकड़ों की माने तो हथिया कुंड बाढ़ हरियाणा से पानी छोड़े जाने सेगंगा के जलस्तर में जल स्तर छह सेंमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि का क्रम शुरु हो गया है।

अनुमान है कि यह जलस्तर अभी और बढ़ाव की ओर जारी रहेगा। ऐसे में गंगा की लहरों पर तटवर्ती लोगों की निगाहें पूरी तरह से टिक गई हैं और उन्हें अपनी फसलों के साथ आशियाने की चिंता सताने लगी है। गाजीपुर में जिले की सीमा से होकर गंगा समेत छोटी-बड़ी नौ नदियां गुजरती हैं। जिले का अधिकांश भूभाग गंगा का कब्जा है तो अन्य नदियों का भी प्रभाव क्षेत्र है। कई गांवों की आबादी गंगा के किनारे ही आबाद हैं लेकिन गंगा का जलस्तर उनकी धुकधुकी बढ़ाता है। 

गाजीपुर के सैकड़ों गांव के लोगों के लिए गंगा ही आजीविका का साधन हैं, लेकिन बरसात शुरू होने पर गंगा के किनारे रहने वाले रहवासियों के ऊपर बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है। शुक्रवार की रात करीब आठ बजे से गंगा के जलस्तर में वृद्धि का क्रम शुरु हो गया। रात आठ बजे 55.460 सेंमी, शनिवार की सुबह 8 बजे 56.200 सेंमी, 10 बजे 56.320 और दिन में 12 बजे 56.440 सेंमी जलस्तर रहा। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी सुरेंद्र मोहन पटेल ने बताया कि हथिया कुंड बाढ़ हरियाणा से पानी छोड़े जाने से छह सेंमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गंगा बढ़ रही है। अनुमान है कि दो-तीन इसी से रफ्तार जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी रह सकता है। गंगा के आसपास के इलाकों में प्रशासनिक टीम ने हालात परखे और जलस्तर की बढ़ोत्तरी को खतरे से दूर बताया।

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