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पूर्वांचल समेत उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

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उत्तर प्रदेश के दक्षिण उत्तरी इलाके में बने कम हवा के दबाव क्षेत्र और इसके साथ ही आसपास के इलाकों पर केन्द्रित चक्रवातीय दबाव की वजह से आगामी पांच अगस्त तक यूपी के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने आज को झांसी, ललितपुर, बांदा, आगरा, इटावा, जालौन, हमीरपुर व महोबा में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। 

इसके अलावा 3 अगस्त को भी ललितपुर व आसपास के इलाकों में बहुत भारी बारिश होने तथा झांसी व आसपास के इलाके में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी दी गयी है। चार अगस्त को भी ललितपुर में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय है। इस वजह से पिछले 24 घंटों के दरम्यान कहीं हल्की से सामान्य तो कहीं भारी बारिश रिकार्ड की गई। इस दौरान सबसे अधिक 16 सेंटीमीटर बारिश सोनभद्र के घोरावल में रिकार्ड की गई। इसके अलावा 15 सेमी बारिश प्रयागराज के मेजा, राबर्ट्सगंज में 13, प्रयागराज के फूलपुर में 11, चुर्क में 11, सोनभद्र के रिहंध बांध पर 11, चित्रकूट में 10, मुरादाबाद में नौ,करछना में आठ, महोबा, कांठ, प्रतापगढ़ के पट्टी में सात-सात सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। 

वाराणसी घाट 

राजधानी लखनऊ और पूर्वांचल के वाराणसी, गाजीपुर, मिर्जापुर इलाकों में भी घने बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बारिश का क्रम जारी है। इस बदली व बारिश की वजह से प्रदेश में दिन व रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गयी है। कई मंडलों में दिन का तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री तक कम दर्ज किया गया। 

ब्रज में बाढ़ के हालात, उफान पर यमुना-चंबल

वही यूपी के ब्रज में यमुना उफान पर है। हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से यमुना में छोड़े गये पानी से आगरा और मथुरा के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। इसे देखते हुए सिंचाई विभाग की टीमें अलर्ट हो गई हैं। इधर, राजस्थान और मध्यप्रदेश में बारिश से चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। आगरा के प्रतापपुरा स्थित सिंचाई कार्यालय पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिया गया है। जहां से 24 घंटे नदियों में बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की निगरानी हो रही है।

मथुरा में निचले इलाकों के घरों तक पहुंचा पानी

विगत दिनों हथिनी कुंड से छोड़े गए चार लाख क्यूसेक पानी का असर अब मथुरा में दिखाई दे रहा है। पानी के बहाव से अब यमुना का जलस्तर 164.97 पर पहुंच गया है। जो चेतावनी के निशान से .23 मीटर नीचे है। चेतावनी स्तर 165.20 मीटर है। रविवार को यमुना में सुबह से ही जलस्तर की वृद्धि के कारण शहर के जयसिंहपुरा और अहिल्याबाई खादर के मकानों तक पानी पहुंच गया। वृंदावन में नवनिर्मित देवराह बाबा घाट को चारों ओर से यमुना के पानी ने घेर लिया है। सिंचाई विभाग के मुताबिक रविवार को गोकुल बैराज से 42,295 क्यूसिक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।


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