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गाजीपुर में गंगा खतरे के निशान से पार, गांवों में घुसने लगा पानी,गाजीपुर-बलिया मार्ग पर आवाजाही ठप

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गाजीपुर जिले में गंगा खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। निकटवर्ती गांवों में गंगा पानी घुसने लगा है। दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा बढ़ रहीं हैं। दोपहर दो बजे तक गंगा का जलस्तर 63.390 मीटर रिकार्ड किया गया है। वहीं बेसो नदी का पानी बढ़ने से कठवामोड़ पर बने डायवर्जन पुल के ऊपर से बह रहा है। ऐसे में इस पर आवाजाही बंद है। उधर, रेवतीपुर ब्लाक क्षेत्र के हसनपुरा व वीरऊपुर गांव की सड़कों पर बाढ़ का पानी चढ़ जाने से तीनों तरफ से आवागमन बंद हो गया है। सहायक गोमती व कर्मनाशा भी उफान पर हैं।

गंगा का जलस्तर बढ़ने का सिलसिला बना हुआ है। नगर में सभी घाटों की सीढि़यां डूब चुकी हैं। नगर के ददरीधाट, कलेक्टर घाट, पोस्ताघाट, स्टीमरघाट, बड़ा महादेवा घाट सहित सभी घाट गंगा के पानी में डूब चुके हैं। सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। इसके अलावा सभी लेखपालों, ग्राम सचिव समेत अन्य अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिए गए हैं।

गाजीपुर-बलिया मार्ग पर आवाजाही ठप

गंगा सहायक नदी बेसो के उफनाने से कठवा पुल के के बगल से गुर रहे अस्थाई मार्ग पर पानी भरने से गाजीपुर-बलिया मार्ग पर आवाजाही ठप हो गई है। इसके चलते लोगों को करीब 15 किलोमीटर घूम कर जाना पड़ रहा है। बड़े वाहनों को पारा-जंगीपुर होते हुए जाना पड़ेगा तो छोटे वाहनों को धांवा होते हुए जाना पड़ेगा। यहां कुछ लोग जोखिम में जान डालकर डायवर्जन पुल को पार कर रहे थे। इसकी जानकारी जब पुलिस को हुई तो एक तरफ नोनहरा पुलिस को दूसरी तरफ यातायात पुलिस मौके पर पहुंच गई । यातायात पुलिस ने डायवर्जन पुल पर बैरिकेडिग कर दी है और लोगों से जान को जोखिम में डालकर यात्रा न करने की अपील की है। आसपास के लोग नाव से आ-जा रहे हैं।

नाव के संचालन पर रोक

करंडा: गंगा में बढ़ते जल स्तर को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पिछले तीन दिनों से चोचकपुर गंगा घाट से यात्री नौकावाहन के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगाकर रखा है। मौनी बाबा घाट की अधिकांश सीढि़यां लगभग पानी में डूब चुकी हैं। वहीं नदी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए चोचकपुर घाट से बड़ी नौकाओं को क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके रफीपुर, सोकनी, बड़हरिया, महाबलपुर, गद्दोगाड़ा आदि गांवों की तरफ रवाना कर दिया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत अधिकारी, राजस्व निरीक्षक समेत अन्य अधिकारियों को भी बाढ़ प्रभावित इलाके में सक्रिय कर दिया गया है।

गोमती के जलप्रलय से गौरहट, तेतारपुर संकट में

खानपुर: क्षेत्र के गौरहट और तेतारपुर गांव का जिले से सम्पर्क कट गया। दोनों गांवों में जाने वाली सड़कों पर गोमती के बाढ़ का पानी भर जाने से ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया है। अचानक गोमती में पानी के तेज बढ़ाव से गांव वाले दहशत में आ गए। अभी गांव वाले गोमती के पाट भरने का इंतजार कर रहे थे कि अचानक बाढ़ का पानी उनके सैकड़ों बीघे फसलों को जलमग्न करते हुए रिहायशी आबादी को चारों तरफ से घेर लिया। नायाब तहसीलदार सैदपुर राहुल सिंह मौके पर पंहुचे। 

दोनों गांवों के तीन हजार आबादी वाले जन समूह को राहत सामग्री और आकस्मिक सुविधा के हेतु आवागमन के लिए नौकायन की व्यवस्था बनाई जा रही है। तहसीलदार सहित कानूनगो राजेश कुमार और लेखपाल आकाश पण्डेय लगातार गांव में चक्रमण करते रहे। शुक्रवार की रात गोमती के पानी में आश्चर्यजनक ढंग से बढ़ाव हुआ और शनिवार की सुबह तक गौरी, गोरखा, अमेहता, सिधौना, खरौना के हजारों बीघे खेतों की खड़ी फसल पानी में डूब गई है।

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