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गाजीपुर जिले में गंगा नदी ने पार किया खतरा बिंदु, गोमती के जल प्रवाह की वजह से कई गांव घिरे

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गाजीपुर जिले में गंगा, कर्मनाशा और गोमती आदि नदियों में इन दिनों उफान बना हुआ है। रह रहकर हो रही बरसात के बीच पहाड़ाें से आने वाला नदियों का वेग भी सहायक नदियों में उफान की स्थिति दे रहा है। 

मानसूनी सक्रियता का दौर इस पूरे माह तक बना रहेगा। इस दौरान आने वाले दिनों में मानसूनी सक्रियता का दौर बना रहा तो जलस्‍तर भी चुनौती देगा। इस लिहाज से ग्रामीण अंचलों में काफी चुनौती लगातार बढ़ता हुआ जलस्‍तर दे रहा है। वहीं गांव में फसलें डूबने के बाद अब हरे चारे का भी अभाव होने लगा है। माना जा रहा है क‍ि लंबे समय तक डूबे रहने पर फसल में सड़न भी पैदा हो जाएगी। 

गाजीपुर जिले में खतरे के निशान को गंगा अब पार कर चुकी हैं। गंगा का जलस्तर शुक्रवार की देर रात ही खतरे के निशाम 63.105 को पार कर गया। अभी भी तीन सेमी प्रति घन्टे की रफ्तार से गंगा बढ़ रहीं हैं। इससे तटवर्ती इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है। सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 63.240 रहा।

वहीं गंगा, कर्मनाशा के बाद गोमती नदी में उफान से खानपुर क्षेत्र के गौरहट और तेतारपुर गांव का जिले से सम्पर्क कट गया है। दोनों गांवों में जाने वाली सड़कों पर गोमती के बाढ़ का पानी भर जाने से ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया है। अचानक गोमती में पानी के तेज बढ़ाव से गांव वाले दहशत में आ गए। अभी गांव वाले गोमती के पाट भरने का इंतजार कर रहे थे कि अचानक बाढ़ का पानी उनके सैकड़ों बीघे फसलों को जलमग्न करते हुए रिहायशी आबादी को चारों तरफ से घेर लिया। तीन तरफ से घिरे इन जुड़वा गांव के दोनों सड़क मार्ग पर बाढ़ का पानी कमर तक भर जाने से गांववाले अपने दैनिक उपयोग के खाद्य सामग्री भी जुटा नही पाये थे। बाढ़ के भयावह स्थिति की जानकारी होते ही नायाब तहसीलदार सैदपुर राहुल सिंह मौके पर पंहुचे।

दोनों गांवों के तीन हजार आबादी वाले जन समूह को राहत सामग्री और आकस्मिक सुविधा के हेतु आवागमन के लिए नौकायन की व्यवस्था बनाई जा रही है। तहसीलदार सहित कानूनगो राजेश कुमार और लेखपाल आकाश पण्डेय लगातार गांव में चक्रमण कर रहे है। शुक्रवार की रात गोमती के पानी में आश्चर्यजनक ढंग से बढ़ाव हुआ और शनिवार की सुबह तक गौरी गोरखा अमेहता सिधौना खरौना के हजारों बीघे खेतों की खड़ी फसल पानी में डूब गई। यही हालात बने रहे तो आने वाले दिनों में फसलों के डूबने और पशुओं के चारे का अभाव हो जाएगा।

रेवतीपुर ब्लाक क्षेत्र के हसनपुरा व वीरऊपुर गांव की सड़कों पर बाढ का पानी चढ़ जाने से तीनों तरफ से आवागमन बंद हो गया है वहीं एक तरफ नसीरपुर जाने वाली पुलिया के पास की सड़क धंस गयी है। वहां ग्रामीण बबूल रखकर रास्ता बंद कर दिए हैं। क्योंकि उस पर आवागमन खतरनाक हो सकता है। शनिवार को रेवतीपुर नगदिलपुर गहमर बाईपास मार्ग पर ज्यादा पानी हो जाने से यह भी रास्ता बंद हो चुका है। 

अब आवागमन ताड़ीघाट बारा मार्ग से भदौरा होकर गहमर कामाख्या मंदिर जाना पड़ेगा। हसनपुरा व वीरऊपुर की बस्तियों के पास की गलियों मे भी बाढ़ का पानी आ गया है। वहीं भांवरकोल में गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से भागड़ नाले के माध्यम से बाढ़ का पानी पहुंचना शुरू हो चुका है। फसल लगे खेतों में दुश्‍वारियां सिर उठाने लगी हैं। रानीपुर के पास मिर्च की फसलों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है।

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