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वाराणसी में बैलेट बॉक्सों से निकले मतपत्र, कई सीटों पर परिणाम घोषित

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वाराणसी में त्रिस्तरीय पंचायत के लिए जिले के आठ ब्लॉक मुख्यालयों पर रविवार सुबह से एक साथ मतगणना शुरू हो गई है। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सभी मतगणना केन्द्रों पर बचाव के दावे तो किये गए लेकिन प्रोटोकाल का पालन कहीं नहीं दिखाई दिया। हर केंद्र पर उमड़ी प्रत्याशियों और एजेंटों की भीड़ से प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ती दिखाई दी। मतगणना आठ बजे शुरू होनी थी लेकिन प्रत्याशियों और एजेंटों की भीड़ छह बजे से ही मतगणना केंद्रों पर नजर आने लगी थी। 

यहां कई सीटों पर रिजल्ट आना शुरू हो गया है। पिंडरा ब्लॉक के करेमुवा ग्राम सभा का परिणाम आया। एससी सीट पर करेमुवा के अनिल कुमार ने अमित कुमार को 79 वोटों से हराया। इसके बाद चिउरापुर से विपिन सिंह, औराव से अनिल चौबे व उदपुर से जयप्रकाश सिंह उर्फ जेपी ने जीत हासिल की। कर्मी गांव की रेखा देवी ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 3 मतों से हराकर जीत हासिल की। कर्मी के बीडीसी प्रत्याशी प्रियंका ने 2 वोटों से जीत हासिल की।

पिंडरा में सुबह से मतदान केंद्रों पर भारी भीड़ दिखी। केवल पिंडरा में ही 3500 पास बनाए गए हैं। अन्य ब्लॉकों में भी सैकड़ों की संख्या में पोलिंग एजेंटों के पास बने हैं। हिंदी वर्णमाला के अनुसार न्याय पंचायत के गांवों के वोटों की गिनती होगी।

सेवापुरी विकास खण्ड में कपसेठी स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में मतगणना के लिए 9 कक्ष में कुल 60 टेबल बनाये गए हैं। सेवापुरी में कुल 12 न्याय पंचायत हैं। मतगणना स्थल पर  राजातालाब के तहसीलदार योगेंद्र शरण शाह व नायाब तहसीलदार नीरज कुमार ने निरीक्षण किया। ब्लॉक निर्वाचन अधिकारी प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू होगी। 

इन्दरपुर से ममता यादव निर्विरोध ग्राम प्रधान निर्वाचित 
पिंडरा। पिंडरा विकास खण्ड के इन्दरपुर ग्राम पंचायत से ममता यादव निर्विरोध ग्राम प्रधान चुनी गई हैं। वह विजयेंद्र उर्फ पप्पू यादव की पत्नी हैं, जो ग्राम प्रधान प्रत्याशी थे और उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव स्थगित कर दिया था। नौ मई को इस गांव में चुनाव होना था। आरओ देवब्रत यादव ने बताया कि शनिवार को नाम वापसी के दौरान अन्य सभी आठ प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिया। जिसके बाद ममता यादव को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। शुक्रवार को प्रधान पद के लिए एक भी नामंकन नहीं हुआ था। 

सकते में पड़े जिला पंचायत व बीडीसी प्रत्याशी 
ग्राम प्रधान प्रत्याशी के निधन के बाद 19 अप्रैल को मतदान के दौरान ग्रामीणों ने बहिष्कार कर दिया था। अब प्रधान निर्विरोध चुन लिए जाने से जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी व ग्राम पंचायत सदस्य के प्रत्याशी सकते में हैं। ऐसे में जिला पंचायत व बीडीसी प्रत्याशियों की मेहनत पर पानी फिर गया। उस गांव में वोट के लिए की गई सारी मेहनत धराशाई हो गई। वही कइयों के जीत के आंकड़े भी बदल जाएंगे।

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