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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में बच्चों एवं बुजुर्गों का रखें खास ख्याल

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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर तेजी से फैल रही है, जिसमें सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों व बच्चों को है। कोरोना काल में बुजुर्ग माता-पिता व बच्चे की सेहत पर खास नजर रखें। किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें और आवश्यक जांच कराएं। यदि बुखार है तो इसमें देर न करें और तुरंत कोरोना जांच कराएं। डाक्टर के सलाहनुसार घरेलू उपचार शुरू कर दें।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व बाल रोग विशेषज्ञ डा. उमेश कुमार ने बताया कि इस समय यदि बच्चे की तबियत बिगड़ती है तो उसमें लापरवाही न करें। इन दिनों बच्चों में सर्दी-जुकाम के साथ हल्का बुखार, कुछ बच्चों में उल्टी और डायरिया की शिकायत, हल्की खांसी होना कोविड के लक्षण हैं। यदि बच्चों में इस प्रकार की समस्या हो तो डाक्टर से संपर्क करें। जब बच्चा बीमार हो तो इस दौरान बच्चे को पानी भरपूर मात्रा में पिलाएं। इसके साथ ही प्रोटीन युक्त भोजन बच्चे को खिलाएं। बच्चे को सफेद अंडा या दाल और सोयाबीन खिलाएं, छोटे बच्चों को दाल का पानी पिला सकते हैं। 

डा. उमेश कुमार ने बताया कि बच्चा व बुजुर्गों में जरा सी भी कमजोरी दिख रही है, खाना नहीं खा रहा है, बच्चे की पसलियां चल रही हैं या बच्चे को दौरा आ रहा है तो ऐसे में लापरवाही न बरतें और तुरंत कोविड सेंटर में संपर्क करें या चिकित्सक से तुरंत सलाह लें। उन्होंने बताया कि बच्चे को बुखार, खांसी होने पर पैरासीटामोल सीरप, एजीथ्रोमाइसिन सीरप, जिक सीरप डाक्टर की सलाह से लें, क्योंकि बच्चों में सामान्य डोज नहीं दी जा सकती, उन्हें वजन के हिसाब से दवा की डोज दी जाती है। 

उन्होंने बताया कि बच्चे को सही दवा का ट्रीटमेंट दिया जाए तो वह पांच से छह दिन में स्वस्थ हो रहे हैं। आगे बताया कि बच्चों को इन दिनों घर कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए घर के भीतर ही रखें। उन्हें घर पर ही खेलने दें। घर के वह सदस्य जो इन दिनों बाहर जाते हैं, वह बच्चों से थोड़ी दूरी बनाए रखें। घर पर आएं तो सबसे पहले खुद को साफ करें और इसके बाद ही बच्चे के नजदीक जाएं। बच्चों में भी साफ-सफाई की आदत डालें। उनसे समय-समय पर हाथ धोने के लिए कहें। इन दिनों उनके खाने का ध्यान रखें। उन्हें बाहर के खाने से दूर रखें।

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