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गाजीपुर: दफनाया गया मुख्तार के करीबी मेराज का शव, श्रद्धांजलि देने पहुंचे बिहार सरकार के मंत्री

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चित्रकूट जेल में शुक्रवार को गैंगवार में मारे गए हिस्ट्रीशीटर मेराज अली का शव शनिवार दोपहर गाजीपुर में उसके पैतृक गांव महेन लाया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच शव को गांव के बाहर कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। शव पहुंचते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और परिवार की महिलाएं बिलखती रोने बिलखने लगीं। सीओ राजीव द्विवेदी के साथ कासिमाबाद सीओ और छह थानों की फोर्स मौके पर तैनात रही। इस दौरान भाई कलाम ने आरोप लगाया कि मेराज की हत्या साजिश के तहत की गई है। पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं बिहार सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री और कैमूर जिले के चैनपुर से विधायक मोहम्मद जमा खान ने मेराज की मौत पर शोक जताया और मेराज के गांव महेन पहुंचकर उन्होंने श्रद्धांजलि दी। मंत्री जमा खान के साथ बिहार के कई नेता मेराज के घर पर पहुंचे थे। सभी ने मेराज के परिवार को ढांढस बंधाया।  

गाजीपुर में शनिवार सुबह मेराजुद्दीन उर्फ मेराज का शव एंबुलेंस से महेन गांव की बिलचीपट्टी लाया गया। इस दौरान दर्जनों वाहनों का काफिला भी चल रहा था। उसके इंतजार में परिवार और गांव के तमाम लोग गांव के बाहर ही सुबह से जुटे थे, जैसे ही शव एंबुलेंस से उतारा गया तो कोरोना महामारी को भूलकर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े।

परिजन मेराजुद्दीन उर्फ मेराज का शव उसके पैतृक निवासी ले गए। जहां लोगों का हुजूम जुटा। बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान भी मेराज के पैतृक गांव पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। जनाजे के वक्त स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर मुख्तार अंसारी के कई करीबियों की मौजूदगी रही। शाम पांच बजे मेराज के जनाजे को गांव के बाहर स्थित कब्रिस्तान लाया गया, सुपुर्द ए खाक से पूर्व फातिहा पढ़ा गया। परिजनों समेत सैकड़ों लोगों ने मिट्टी दी। पुलिस लोगों से कोरेाना प्रोटोकाल और शांति पूर्वक घर जाने की अपील करती रही।

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