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उत्तर प्रदेश में युवाओं को मिलेंगे रोजगार के सुनहरे अवसर, जानिए कैसे

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गांवों में सस्ती बिजली का उत्पादन करके पहली बार उत्तर प्रदेश की सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करने जा रही है। इसके लिये उत्तर प्रदेश को सोलर एनर्जी का सबसे बड़ा हब बनाने की तैयारी तेज हो गई है। सरकार का उद्देश्य सौर ऊर्जा के क्षेत्र में यूपी को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना है। इसके लिये सरकार कारगर कदम उठा रही है। 

कुछ साल पहले तक राज्य की पहुंच से दूर मानी जाने वाली सोलर एनर्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार प्रदेश में 1535 मेगावाट की परियोजना पर मुहर लगा चुकी है। 7500 करोड़ रुपये के खर्च से आकार ले रही इन परियोजनाओं के जरिये राज्य सरकार प्रदेश में बिजली उत्पादन के क्षेत्र बड़ा परिवर्तन लाने की तैयारी में है। परियोजना को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा नीति के तहत सौर ऊर्जा इकाई स्थापना करने वालों को स्टाम्प शुल्क में शत-प्रतिशत छूट दी है। परियोजना के तहत 420 मेगावाट क्षमता की 24 सौर पावर परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी का नतीजा है कि सौर ऊर्जा उत्पादन अब बढ़कर 74 मेगावाट हो गया है। 


बदलेगी गांव की तस्वीर, सोलर पंपों से यूपी के गांव में होगी खेतों की सिंचाई

यूपी सरकार के प्रयासों से गांव की तस्वीर कुछ समय बाद बदली-बदली नजर आएगी। गांवों में सोलर पंपों से किसाने खेतों की सिंचाई करते दिखेंगे। यही नहीं सरकार गांव  में 225 मेगावाट क्षमता के सोलर रूफटॉप स्थापित करने जा रही है। गांवों में खेतों की सिंचाई के लिये 18823 सोलर पम्प स्थापित किये जाने में तेजी लाई गई है। गरीब, ग्रामीण परिवारों के घरों में एक लाख 80 हजार सोलर पावर पैक संयंत्र की स्थापना से प्रदेश के गांव भी नए स्वरूप में नजर आने लगेंगे।

कई गांवों की गलियों और बाजार में जगमगाने लगीं सोलर स्ट्रीट लाइटें

उत्तर प्रदेश सरकार की परियोजना का असर गांवों में दिखाई देने लगा है। कई गांवों के बाजारों व सड़क सोलर स्ट्रीट लाइटों से जगमगाना शुरू हो गई हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइ योजना के तहत ग्रामीण बाजारों में 25304 सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना की जानी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री समग्र ग्राम्य विकास योजना में चयनित राजस्व ग्रामों में 13791 सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्रों की स्थापना होगी। 

सौर ऊर्जा इकाइयां स्थापित करने के लिये निजी निवेश पर सरकार का जोर

योगी सरकार की ओर से जैव ऊर्जा उद्यम प्रोत्साहन नीति के तहत 2480 करोड़ रुपये का निजी निवेश आमन्त्रित किया गया है। इसकी मदद से 720 करोड़ रुपये की लागत की 180 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा उत्पाद इकाइयां स्थापित की जाएंगी। सरकार ने वाणिज्यिक भवनों में ऊर्जा की बचत के लिये 'ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता 2018' लागू की है।

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