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योगी ने सरकार ने तय की प्राइवेट कोविड हॉस्पिटल में कोरोना टेस्ट की फीस, जानें नया रेट ?

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योगी सरकार ने प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मद्देनजर गैर सरकारी अथवा निजी क्षेत्र के अस्पतालों में विभिन्न जांचों के शुल्क एक बार फिर से तय कर दिए हैं। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि सुपर स्पेशियलिटी इलाज की सुविधा देने वाले निजी अस्पताल व जांच करने वाली प्राइवेट लैब मनमाना शुल्क न वसूल सकें। मंगलवार को अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने शुल्क की दरों के आदेश जारी कर दिए। निजी अस्पतालों को चेतावनी भी दी गई है कि अगर वे आदेश का उल्लंघन करेंगे तो उनके विरुद्ध महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।  

आदेश में जिलों को ए, बी व सी श्रेणी में बांटा गया है। ए श्रेणी में लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, बरेली, गोरखपुर, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद को शामिल किया गया है, जबकि बी श्रेणी के जिलों में मुरादाबाद, अलीगढ़, झांसी, सहारनपुर, मथुरा, रामपुर, मीरजापुर, शाहजहांपुर, अयोध्या, फीरोजाबाद, मुजफ्फरनगर और फर्रुखाबाद हैं। शेष सारे जिले सी श्रेणी में हैं। निजी लैब में अगर कोई व्यक्ति आरटीपीसीआर जांच कराता है तो उससे 700 रुपये लिए जाएंगे। लेकिन अगर घर में सैंपल लेने के लिए निजी लैब का कर्मचारी जाता है तो जांच शुल्क 900 रुपये लिए जाएंगे। 

अगर राज्य सरकार के चिह्नित अधिकारी द्वारा निजी अस्पताल में जांच के लिए सैंपल भेजा जाता तो सैंपल देने वाले से अधिकतम 500 रुपये ही लिया जाएगा। वहीं आईसीयू में वेंटिलेटर के साथ वाले बेड पर भर्ती मरीज से एक दिन का अधिकतम 18 हजार रुपये लगेगा।  ए श्रेणी के जिलों में इलाज का जो शुल्क होगा, उसका 80 प्रतिशत बी श्रेणी और 60 प्रतिशत सी श्रेणी के जिलों के अस्पताल ले सकेंगे। नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फार हास्पिटल एंड हेल्थ केयर प्रोवाइडर (एनएबीएच) से प्रमाणित अस्पतालों के लिए अलग शुल्क तय किया गया है। पीपीई किट का शुल्क भी बेड के शुल्क में शामिल है।


ए श्रेणी के जिलों के निजी अस्पतालों के शुल्क-

बी श्रेणी के जिलों के अस्पतालों  में इस प्रकार से लिए जा सकेंगे शुल्क


सी श्रेणी के जिलों के अस्पतालों में इस प्रकार से लगेंगे शुल्क 


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