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बिहार के नकली करेंसी पूर्वांचल के जिलों में खपा रहे तस्कर

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नकली करेंसी के गैर-कानूनी धंधे में लगे लोग अब पाकिस्तान के भरोसे नहीं हैं। उन्हें आसानी से नकली करेंसी आसपास ही मुहैया हो जा रही है। बिहार के सीवान जिले में एक बड़ा रैकेट स्थानीय स्तर पर ही नकली नोटों की छपाई कर रहा है। इस बीच गाजीपुर के करेंसी तस्करों ने पिछले एक साल के अंदर दस लाख रुपये तक की नकली करेंसी पूर्वांचल के बाजारों में उतार दी है। तस्करों का केवल बनारस ही नही आजमगढ़, मऊ, चंदौली, जौनपुर, गोरखपुर, कानपुर, आगरा समेत कई जिलों तक नेटवर्क है। बिहरा के रास्ते नकली नोटों की संख्या में अचानक आई वृद्धि से सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ आरबीआई भी चिंतित है। अब तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए बड़ी कवायद की जा रही है।

पिछले दिनों गाजीपुर में मिले नकली करेंसी और तस्करों से कई बातों का खुलासा हुआ है। कोरोना संक्रमण के एक वर्ष में तमाम कारोबारों को ध्वस्त कर दिया लेकिन बिहार के रास्ते यूपी में आपराधिक गतिविधियों को संरक्षण मिलता रहा। कोरोना और नकली नोटों के कारोबार का कोई सीधा संबंध नहीं है, लेकिन पिछले वर्ष में गाजीपुर के तस्करों की ओर से बाजार में उतारे गए नकली नोटों की खेप चौंकाने वाली है। 


सीवान से नकली नोट छापने वाले अपराधी कोरोना काल में ज्यादा ही सक्रिय हुए हैं। इन्होंने बनारस समेत पूर्वांचल के बाजारों में एक साल में दस लाख तक की करेंसी बाजार में उतार दी। इसमें 2000 और पांच सौ के नोट सबसे ज्यादा शामिल है, हालांकि 100 के नोटों का भी तस्करी में प्रयोग किया गया। सरकारी एजेंसियों के लिए भी यह चिंता की बात यह है कि नकली नोटों की संख्या अचानक तब बढ़ी है जब यह दावा किया जा रहा है कि करेंसी पहले से ज्यादा सुरक्षित है और नकल करना मुश्किल है। मशीन पर जांच के दौरान इसमें मामूली सा अंतर पाया गया जिससे किसी को भी धोखा देना आसान है।

ऐसे हुआ नकली करेंसी नेटवर्क का खुलासा

गाजीपुर में नंदगंज थानाक्षेत्र के किसोहरी निवासी छोटू यादव, चंदौली जिले के धानापुर निवासी बबलू राम और सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के शेखपुर निवासी नगीना राम को जब पुलिस ने 1 लाख 18 हजार के नोटों के साथ पकड़ा तो बड़े नेटवर्क से पर्दा भी उठा। पता चला कि सीवान से 25 हजार में एक लाख के नकली नोट मिलते हैं। उन्हें बाजार में चलाने के बाद अगली खेप उठा लेते हैं। बड़े नोटों को शराब के ठेके और बड़ी दुकानों पर चलाते थे और छोटे नोट फल-सब्जी की दुकानों तक में चलाकर असली नोट ले लेते थे।

नंदगंज में पकड़े गए 1.18 लाख के नकली नोटों की करेंसी के तार बिहार के सीवान से जुड़ने की बात प्रकाश में आई है, इन लोगों ने पिछले दिनों बड़ी संख्या में नोटों को बाजार में चलाया है। हालांकि टीम लगाकर इसकी जांच में कई पहलुओं को तलाश जा रही है, नकली नोटों की संभावनाओं के लिए स्थानीय स्तर पर बैंकों को भी अलर्ट दिया है। केंद्रीय एजेंसियों को भी सूचनाएं प्रेषित की हैं।

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