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दिलदारनगर: विधिपूर्वक पूजन-अर्चन के बाद महावीरी झंडा के साथ निकला बुढ़वा मंगल जुलूस

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देव प्रबंध समिति की ओर से मंगलवार को स्थानीय पुराना पशु हाट स्थित हनुमान मंदिर से विधिपूर्वक पूजन-अर्चन के बाद महावीरी झंडा के साथ बुढ़वा मंगल जुलूस निकाला गया। इसमें हाथी, घोड़ा, ऊंट आदि शामिल थे। जुलूस में सर्वधर्म संभाव का माहौल देखने को मिला। लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर डीजे की धुन पर थिरकते हुए आगे बढ़ते रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजधारी चौरसिया, जमानियां के क्षेत्राधिकारी हितेंद्र कृष्ण, थाना निरीक्षक प्रभारी कमलेश पाल, रेलवे सुरक्षा बल के निरीक्षक राकेश कुमार, पीएससी व पुलिस के जवान जुलूस के साथ चल रहे थे।

आयोजन समिति के लोगों ने अतिथियों को अंग वस्त्र के साथ अबीर-गुलाल लगाकर सम्मानित किया। बुढ़वा मंगल जुलूस दिलदारनगर गांव होते हुए बिंदपुरवा पहुंचा। पालकी में विराजमान हनुमंत लला जब होली खेलने निकले, तो लोगों में उमंग और उल्लास की कोई सीमा नजर नहीं आ रही थी। सभी अबीर गुलाल लगाकर बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते हुए अपनी मस्ती के रंग में चूर थे। जुलूस में हिन्दू, मुस्लिम आदि सभी उत्साह से पूरी तरह लबरेज होकर अबीर-गुलाल लगा गंगा-जमुनी तहजीब की मिशाल को पेश कर रहे थे। 

नगर में दुकानदारों ने कई जगह लोगों को शर्बत, मिठाई खिलाकर तथा रंग-गुलाल लगाकर स्वागत किया। जुलूस शाम को पुन: हनुमान मंदिर पहुंचा, जहां सभी में प्रसाद वितरण किया गया। इसके बाद सभी अपने-अपने घरों को चले गए। देव प्रबंध समिति के अध्यक्ष गामा कुशवाहा व आयोजक भिक्खी राम ने बताया कि वर्षों से होली के बाद बुढ़वा मंगल जुलूस पारंपरिक ढंग से सबके सहयोग से निकाला जाता है। यह परंपरा हमारे गंगा-जमुनी तहजीब को बयां करती है। इस मौके पर उर्मिलेश पांडेय, मन्नू सिंह, राज सिंह, प्रभु यादव, रिशु यादव, गुदरी यादव, दीनानाथ शर्मा, सुरेश कुशवाहा, एहसान अहमद, झुम्मक यादव, ग्याशुद्दीन खान, टुन्ना यादव, सुधा आदि मौजूद रहे।

जुलूस के दौरान बंद रही बिजली आपूर्ति

दिलदारनगर - बुढ़वा मंगल के दिन निकलने वाले जुलूस के मद्देनजर विद्युत विभाग ने दिलदारनागर गांव सहित बाजार में सुबह 11 बजे से शाम 5.30 बजे तक आपूर्ति बंद रखा। अवर अभियंता तापस कुमार ने बताया कि आपूर्ति बंद होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी दी गयी थी। क्योंकि जुलूस में हाथी पर बैठे लोगों के बिजली के तार से सटने की आशंका बनी रहती है। इस लिहाज से जुलूस निकाले जाने के दौरान बिजली आपूर्ति को बंद कर दिया गया था।

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