Featured

Type Here to Get Search Results !

अस्पताल वाले बाले- DM के मरीजों को बेड नहीं दे पा रहे आपको कैसे दें

0

अस्पतालों में बेड न मिलने से लोग किस कदर परेशान हो रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण वाराणसी जिले के कबीरचौरा निवासी भरत शर्मा का है। 50 साल के मरीज को लेकर उनके परिजन सोमवार शाम पांच बजे से रात दस बजे तक पांच अस्पतालों में भटके लेकिन बेड नहीं मिला। हारकर घर पर ही ऑक्सीजन के भरोसे रखा गया है। उनको डायबिटीज है, सांस लेने में तकलीफ हो रही है। एक निजी अस्पताल में पहुंचने पर तीमारदारों को साफ बोला गया डीएम के मरीजों के लिए बेड नहीं है आपको कहां से दे दें।

एक दिन पहले भरत प्रसाद शर्मा की कोरोना जांच हुई थी। सोमवार शाम को रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद घर वालों ने राहत की सांस ली, लेकिन मरीज को सांस लेने में हो रही तकलीफ से वे परेशान हैं। निजी अस्पताल की एंबुलेंस के ऑक्सीजन सिलेंडर से मरीज को थोड़ी राहत मिली। कबीरचौरा अस्पताल में जाने पर डॉक्टरों ने कहा कि हम एडमिट करेंगे लेकिन बेड और ऑक्सीजन नहीं दे पाएंगे। मैदागिन के निजी अस्पताल में गेट पर गार्ड ने ही बेड न होने की जानकारी दी। फिर बीएलडब्ल्यू स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर सुंदरपुर और रवींद्रपुरी के एक निजी अस्पताल गये लेकिन बेड नहीं मिला। इस दौरान एंबुलेंस चालक ने भी खूब धौंस जमाई। परिजन मजबूरी में सुनते रहे। एंबुलेंस चालक ने कहा एक घंटे का 3500 लगता है आपलोग पूरा शहर घुमा रहे हैं हमको छोड़िए। मरीज के भतीजे ने बताया कि एंबुलेंस वाले परेशानी समझते ही नहीं हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन मिल नहीं रही थी, एंबुलेंस के ऑक्सीजन सिलेंडर ने उम्मीद जगाए रखी थी।

Post a comment

0 Comments

Top Post Ad

Below Post Ad