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UP: छात्रवृत्ति व फीस भरपाई पाने को आधार लिंक बायोमेट्रिक हाजिरी जरूरी

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अगले शैक्षिक सत्र से उत्तर प्रदेश में उन्हीं छात्र-छात्राओं को सरकारी छात्रवृत्ति और फीस भरपाई का लाभ मिलेगा। अपने शिक्षण संस्थान में आधारलिंक बायोमेट्रिक हाजिरी लगाएंगे। यही नहीं छात्रवृत्ति और फीस भरपाई का लाभ लेने के लिए आधार लिंक बैंक खाता भी अनिवार्य होगा। समाज कल्याण विभाग की नई गाइडलाइन में यह प्रावधान किए गए हैं। 

अब अनुसूचित जाति के  ऐसे छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की सुविधा प्राथमिकता पर दी जाएगी जिनके माता-पिता दोनों या उनमें से एक अशिक्षित होंगे। ऐसे छात्र-छात्राएं भी प्राथमिकता पर यह सुविधा पाएंगे जो राज्य सरकार के परीक्षा बोर्ड से हाईस्कूल की परीक्षा पास करेंगे या नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत जैसे स्थानीय निकायों द्वारा संचालित विद्यालयों में पढ़े होंगे।

इसके अलावा अब कक्षा दस से ऊपर की कक्षाओं के लिए अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं  को दी जाने वाली छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की योजना में व्यय होने वाले कुल बजट का 60 प्रतिशत हिस्सा केन्द्र सरकार देगी और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देगी। अभी तक करीब 90 प्रतिशत राज्य सरकार दे रही थी। चालू वित्तीय वर्ष के लिए कक्षा दस से ऊपर की कक्षाओं के अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति व फीस भरपाई देने के लिए कुल 1977.25 करोड़ रूपये खर्च होंगे जिनमें से 60 प्रतिशत यानि 1186.35 करोड़ रूपये केन्द्र सरकार और 40 प्रतिशत हिस्सा यानि 790.90 करोड़ रूपये राज्य सरकार देगी।

छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की सुविधा पाने के लिए अब सिर्फ सामान्य  बैंक खाते से ही काम नहीं चलेगा बल्कि उस बैंक खाते को आधार लिंक भी होना चाहिए। केन्द्र सरकार अपने हिस्से के बजट से छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की राशि सीधे इसी आधार लिंक बैंक खाते में भेजेगी। यह जानकारी समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक सिद्धार्थ मिश्र ने दी है। उन्होंने बताया कि अब इस पूरी योजना का सोशल आडिट यानि थर्ड पार्टी मूल्यांकन किया जाएगा। शिक्षण संस्थाओं को हर छह महीने में स्वत: मूल्यांकन की रिपोर्ट देनी होगी।

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