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नए स्‍ट्रेन का पहला केस मेरठ से, दो साल की बच्‍ची में मिला वायरस, 14 दिन पहले ब्रिटेन से लौटा था परिवार

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यूपी में कोरोना के नए स्‍ट्रेन का पहला केस मेरठ से मिला है। दो साल की बच्‍ची में नए वायरस के संक्रमण की पुष्टि हो गई है। यह परिवार 15 दिसम्‍बर को ब्रिटेन से मेरठ आया था। चार दिन पहले तीन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। नए स्‍ट्रेन की जांच के लिए इनके सैंपल दिल्‍ली भेजे गए थे। बच्‍ची के सैंपल में संक्रमण मिलने के बाद लैब से सीधे शासन को रिपोर्ट भेजकर जानकारी दी गई। बच्‍ची में नए स्‍ट्रेन पाए की पुष्टि मेरठ के डीएम ओर स्‍थानीय स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों ने की है। 

बच्‍ची में संक्रमण मिलने के बाद उसके घर के आसपास के इलाके को घेराबंदी कर सील कर दिया गया है। बच्‍ची के माता पिता भी कोरोना की चपेट में हैं। हालांकि वे कोरोना के नए स्‍ट्रेन से संक्रमित नहीं हैं। बच्‍ची या इस परिवार के सम्‍पर्क में आए या फिर आसपास रहने वाले लोगों की लगातार जांच कराई जा रही है। 

गौरतलब है कि यूके से लौटे छह लोगों में नए स्‍ट्रेन के लक्षण मिले हैं। इनमें से तीन की जांच बेंगलुरु, दो की हैदराबाद और एक की पुणे की लैब में हुई। इनके सैंपल में कोरोना का नया स्‍ट्रेन पाया गया। नए स्‍ट्रेन को लेकर सरकार ने सतर्कता दिखाते हुए यूके से लौट रहे लोगों की जीनोम स्किवेंसिंग कराई थी। मंगलवार को इसकी रिपोर्ट जारी की गई। 

ब्रिटेन से फ्लाइट पर लगी है रोक
ब्रिटेन में नए स्‍ट्रेन की खबरों के बीच भारत सरकार ने 23 दिसम्‍बर को ही ब्रिटेन से सभी फ्लाइट्स पर रोक लगा दी थी। इधर, देश में कोरोना से निर्णायक जंग के लिए टीकाकरण की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। नया स्‍ट्रेन सामने आने के बाद स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ी है।

नए स्‍ट्रेन ने बढ़ाई चिंता

अब नए स्‍ट्रेन के केस मिलने के बाद सरकार और सतर्क हो गई है। नए स्‍ट्रेन के बारे में अभी तक मिली जानकारी के अनुसार यह करीब 70 प्रतिशत ज्‍यादा संक्रामक है। यह स्‍ट्रेन कम आयु वर्ग के लोगों पर भी उसी तरह हमला करता है। हालांकि इसके घातक होने की आशंका कम है। 

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