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वाराणसी महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बैक पेपर के चक्कर में 600 छात्र अधर में लटके

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काशी विद्यापीठ और सम्बद्ध कॉलेजों के बीबीए और बीसीए के कोर्स के छह सौ छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

इन छात्रों का दूसरे और चौथे सेमेस्टर में बैक आया हुआ है। सामान्यत: इनकी परीक्षा अप्रैल और मई में हो जानी चाहिए थी। मगर कोरोना संक्रमण के कारण नहीं हो सकी है। विडंबना यह कि छठे सेमेस्टर की परीक्षा तो पास कर चुके हैं, लेकिन दूसरा और चौथा सेमेस्टर क्लीयर न होने से रिजल्ट नहीं निकल सका है। इनके साथ के अन्य छात्र दूसरे कॉलेजों में पीजी कोर्स में दाखिला भी ले चुके हैं। इनमें काफी संख्या में छात्राएं भी हैं। इनके अभिभावक रोजाना परिसर का चक्कर लगा रहे हैं। कुछ दिनों पहले परीक्षा समिति में इनका मामला गया था। उसमें यह तय हुआ था कि इनकी परीक्षा शीघ्र कराई जाएगी। परीक्षा समिति का निर्णय आने के बाद इन छात्रों की सक्रियता फिर से बढ़ी है।

इस महीने इनकी परीक्षा होने की संभावना नहीं है। अभी प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। अधिकतर कर्मचारियों की ड्यूटी उसी में लगी है। अगले महीने ही परीक्षा की संभावना बन रही है। परीक्षा में जितनी देरी हो रही है, उतनी ही इन छात्रों की बेचैनी बढ़ रही है। बीबीए और बीसीए के अलावा स्नातक (2019-20) के अंतिम वर्ष के बैक पेपर की परीक्षा होनी है। इसका फॉर्म 9 दिसंबर तक भरा गया है। विषयवार परीक्षार्थियों की गणना की जा रही है।

कुलसचिव डॉ. साहब लाल मौर्य का कहना है कि बैक पैपर की परीक्षाओं की तैयारी चल रही है। पहली प्राथमिकता बीबीए और बीसीए के दूसरे और चौथे सेमेस्टर के छात्र होंगे। इसके बाद स्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों का बैक पेपर लिया जाएगा।

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