Featured

Type Here to Get Search Results !

पूर्वांचल में मुख्तार अंसारी के आर्थिक साम्राज्य को झटके पर झटका, 60 करोड़ का नुकसान

0

योगी सरकार विधायक मुख्तार अंसारी के गिरोह आइएस-191 के विरुद्ध अभियान चलाकर सिंडिकेट तोडऩे में जुटी है। मऊ, गाजीपुर, आजमगढ़ सहित पूर्वांचल के कई जनपदों में गिरोह को निशाने पर लिया गया है। अभियान के तहत जहां मुख्तार गिरोह के शार्प शूटर एक लाख के इनामी हरिकेश यादव व 50 हजार के इनामियां राकेश पांडेय उर्फ हनुमान पुलिस इंकाउंटर में मारे जा चुके हैं तो वहीं वाराणसी जोन में मुख्तार गिरोह के फैले आर्थिक साम्राज्य को झटके पर झटका लगा है। अभी तक गिरोह को लगभग 50 से 60 करोड़ का आर्थिक नुकसान हुआ है। इसमें अकेले मऊ में 16 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। सरकार गिरोह से जुड़े एक-एक अपराधियों की कुंडली तैयार कर रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े नामचीन सफेदपोश, राजनेता, ठिकेदार, व्यापारी, भू-माफिया आदि रडार पर हैं।

2007 से 2012 के बीच मायावती सरकार ने मुख्तार अंसारी गिरोह के विरुद्ध अभियान चलाया था। इसमें मछली व्यवसाय के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हुई थी। एकबारगी यह लगा था कि गैंग टूट गया है परंतु सपा सरकार आते ही एक बार फिर गिरोह जमकर फला-फूला। गिरोह ने मऊ सहित पूर्वांचल में एक बार फिर सिक्का जमाया। अब योगी सरकार ने एक बार फिर मुख्तार गिरोह को निशाने पर लिया है। कानपुर के बिकरू गांव में दुर्दांत अपराधी विकास दूबे गैंग के हमले में सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद शासन ने सख्ती की। अपराधियों व उनके गैंग के विरुद्ध पूरे प्रदेश में अभियान चलाया जा रहा है।

अभी तक गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, वाराणसी सहित पूर्वांचल में पीडब्ल्यूडी, जिला पंचायत व आरइएस के ठीकों पर जहां मुख्तार गिरोह का सिक्का चलता है तो कोयला व्यापार में भी गिरोह की जबदरस्त दखल है। पुलिस प्रशासन सफेदपोशों, भू-माफियाओं व ठीकेदारों के संपत्तियों का ब्यौरा जुटाने में जुटा है। एक-एक की अवैध संपत्ति की जांच हो रही है। इसमें पूर्वांचल के कई चर्चित ठीकेदारों से लेकर सफेदपोश शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत व आरइएस के ठेकेदारों के संबंध खंगाले जा रहे हैं। हालांकि इसके पूर्व मछली व्यवसाय, अवैध बुचडख़ाना, अवैध वसूली तथा शस्त्र लाइसेंस आदि पर धड़ाधड़ कार्रवाई भी हो चुकी है।

Post a Comment

0 Comments

Top Post Ad

Below Post Ad