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ड्यूटी के दौरान कोरोना से मौत पर डाक विभाग के कर्मचारियों को मिलेगा 10 लाख रुपये मुआवजा

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डाक विभाग डाक कर्मचारियों एवं ग्रामीण डाक सेवक की सेवा काल में कोरोना से मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को दस लाख रूपये देगा। पूरे बिहार में करीब 250 डाक कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और तीन कर्मचारियों की मौत भी हो चुकी है।

लॉकडाउन में भी डाक विभाग के आवश्यक सेवाओं को यथावत रखा गया है। डाक विभाग भी आवश्यक सेवा की श्रेणी में आता है और इस विकट परिस्थिति में सभी डाककर्मी कोरोना योद्धा बनकर जनता की सेवा में लगे हुए हैं। दुर्भाग्यवश कोविड-19 संक्रमण की रफ़्तार में दिन–प्रतिदिन वृद्धि होती जा रही है। संक्रमण के इस दौर में अब डाककर्मी भी अपने कार्य के दौरान संक्रमित होने लगे हैं। संक्रमित डाक कर्मियों को आइसोलेशन में रखा जा रहा है।

डाक विभाग ने डाक कर्मियों के कल्याण हेतु आवश्यक कदम उठाया है। यदि किसी विभागीय डाक कर्मचारी या ग्रामीण डाक सेवक की मृत्यु कार्य के दौरान कोविड 19 के संक्रमण से होती है तो संचार मंत्रालय, डाक विभाग द्वारा घोषित 10 लाख रुपये की सहायता राशि संबंधित कर्मचारी के आश्रितों को शीघ्र मिलेगा।

कोविड -19 से संक्रमित डाक कर्मचारी के लिए सीजीएचएस के माध्यम से मुफ्त चिकित्सा का भी प्रावधान है। कर्मचारी किसी भी निजी अस्पताल में जो सीजीएचएस से स्वीकृत है इलाज करवा सकते है।

ग्रामीण डाक सेवक के लिए डाक विभाग ने कोविड से संक्रमित ग्रामीण डाक सेवक को 20 हजार की सहायता राशि सर्किल वेलफेयर फण्ड से दिया जा रहा है। इसके अलावा डाक कर्मचारी की मृत्यु सेवा काल में होती है तो उनके आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर नौकरी भी दी जाएगी।

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