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Thursday, 7 May 2020

हड़ताल टूटते ही काम पर लौटे शिक्षक, जिले के चार केंद्रों पर मैट्रिक परीक्षा के शेष कॉपियों की होगी जांच



बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति की राज्यव्यापी हड़ताल टूटते ही मंगलवार से ही योगदान करने के लिए प्रारंभिक व माध्यमिक स्कूलों के नियोजित शिक्षकों की भीड़ उमड़ रही है। जिले के सभी बीआरसी सहित स्कूलों में शिक्षक योगदान दे रहे हैं। विभाग का कहना है कि जो शिक्षक लॉकडाउन में कहीं फंसे हुए हैं या आने में परेशानी है तो घबराने की कोई बात नहीं हैं। वैसे शिक्षक डीएम से वाहन का पास लेकर योगदान कर सकते हैं। तब तक के लिए इसकी सूचना डीईओ के वाट्सएप पर देनी होगी।
इधर, शिक्षकों की हड़ताल टूटते ही बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने मैट्रिक परीक्षा की कॉपियों की जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। बोर्ड ने 10 मई तक कॉपियों का मूल्यांकन खत्म करने का लक्ष्य दिया है। कोविड-19 के बचाव से संबंधित सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मूल्यांकन किया जाएगा। सभी मूल्यांकन केन्द्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होगा। केन्द्रों पर सैनिटाइजर की व्यवस्था रहेगी। बिना मास्क केंद्र में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। मूल्यांकन केंद्रों में प्रवेश के पहले सभी शिक्षकों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी। बुखार से पीड़ित कोई भी व्यक्ति मूल्यांकन केंद्र पर नहीं जाएंगे। स्थापना डीपीओ रजनीकांत प्रवीण ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग को लागू कर कोरोना संक्रमण के बचाव से संबंधित सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू किया जा रहा है।
26 हजार कॉपियों का मूल्यांकन अभी बचा हुआ है
जिले में चार मूल्यांकन केंद्रों पर सभी 1 लाख 86 हजार उत्तर पुस्तिकाओं में से लगभग एक लाख 60 हजार उत्तर पुस्तिकाओं की जांच लॉकडाउन के पहले ही पूरी की जा चुकी है। शेष 26 हजार कॉपियों की जांच 06 मई से शुरू कर दी गई है। इसके लिए पूर्व से निर्धारित चार मूल्यांकन केन्द्रों में से हजारी प्लस टू हाई स्कूल मूल्यांकन केन्द्र को क्वारेंटाइन सेंटर बनाए जाने के कारण यहां पर कॉपी जांच नहीं की जा रही। इसके बदले आरएसएम स्कूल को मूल्यांकन केन्द्र बनाया गया है। शेष मूल्यांकन केन्द्र टीसी हाई स्कूल, सुपौल उच्च माध्यमिक विद्यालय और बालिका हाई स्कूल में ही मूल्यांकन कार्य शुरू किया गया है। हालांकि, मूल्यांकन कार्य शुरू होने के पहले दिन मूल्यांकन केन्द्रों पर काफी कम ही शिक्षक नजर आए।


इस वक्त हड़ताल खत्म कर दी गई है, लॉकडाउन खत्म होने के बाद सरकार से मांगों को लेकर की जाएगी वार्ता : पंकज
वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से बुधवार को बिहार पंचायत-नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश कमिटी और जिला कमिटी की संयुक्त बैठक प्रदेश अध्यक्ष की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में मांग पर सरकार द्वारा निदान नहीं करने के बावजूद भी अपर मुख्य के पत्र के आलोक में समन्वय समिति के घटक संघ से सहमति बगैर हड़ताल से वापसी की निंदा की गई। प्रदेश उपाध्यक्ष सह जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने कहा कि वैश्विक महामारी को ध्यान में रखते हुए तत्काल स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। जैसे ही स्थिति सामान्य होगी अपर मुख्य सचिव के पत्र के आलोक में समन्वय समिति और सरकार के बीच सात सूत्री मांगों को लेकर वार्ता होगी। सरकार मांगें पूरी करने में आनाकानी करती है, तो पुनः आंदोलन किया जाएगा।


हड़ताल टूटने के बाद पांच मई से ही शिक्षकों का योगदान शुरू, अब तक चार हजार शिक्षक लौट चुके हैं कार्य पर
हड़ताल टूटने के बाद पांच मई से ही शिक्षकों का योगदान शुरू है। मालूम हो कि जिले के लगभग 08 प्रारंभिक और 700 माध्यमिक शिक्षक हड़ताल पर थे। बुधवार तक लगभग 36 सौ प्रारंभिक और 400 माध्यमिक शिक्षकों ने बीआरसी और स्कूलों में योगदान दिया है। विभाग का कहना है कि गुरुवार तक सभी शिक्षकों को योगदान लेने की संभावना है। योगदान के बाद ही शिक्षकों का काम बांटा जाएगा। मूल्यांकन के लिए शिक्षक और अन्य कर्मी कैसे आएंगे यह एक प्रश्न बना हुआ है। लॉकडाउन के कारण सवारी वाहनों का चलना बंद है। खासकर जिनके पास अपना वाहन नहीं है। जबकि, जो शिक्षक मूल्यांकन के लिए नहीं आएंगे उनके खिलाफ एक्शन लेने का प्रावधान है।

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