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Wednesday, 6 May 2020

बसंतपुर में बिजली और निर्मली में मच्छरदानी की व्यवस्था नहीं, त्रिवेणीगंज क्वारेंटाइन में शौचालय की भी समस्या



काेराेना वायरस के संक्रमण से बचाव काे लेकर जिले के चार अनुमंडल में क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटराें पर सरकार प्रवासियों के बीच नाश्ता, भाेजन व स्वच्छ पेयजल सहित दैनिक जरूरत के सामान भी दिए जाने का निर्देश दिया है। लेकिन सरकार के अधिकारी उनके अादेश की अवहेलना कर रहे हैं। मंगलवार काे निर्मली अनुमंडल मुख्यालय स्थित उच्च विद्यालय निर्मली स्थित क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे लाेगाें काे सुबह के नाश्ता में अालू का भूजिया व राेटी से ही संताेष करना पड़ रहा है। मच्छरदानी तक की व्यवस्था प्रवासियों काे ही करनी पड़ी है। गाैरतलब है कि सरकार के द्वारा सेंटराें पर रह रहे लाेगाें काे दूध, ताजे फल, अंडे व खाने पीने के लिए शानदार सुविधाएं देने का जिक्र किया गया है। लेकिन सरकार व डीएम के अादेश के बाद भी क्वारेंटाइन सेंटर पर काेताही बरती जा रही है।
दाे हजार लोग पहुंच सकते हैं कोचगामा पंचायत : एंटी कोरोना टास्क फोर्स के जिलाध्यक्ष सह सरपंच पति कोचगामा समशेर आलम ने बताया कि जिस प्रकार मजदूर बस में सोशल डिस्टेंसिंग के तहत आते हैं। वीरपुर स्थित कंट्राेल रूम में सभी को एक साथ भेड़ बकरी की तरह रखा जाता है। आने वाले समय में पंचायत में दो हजार से अधिक प्रवासी मजदूरों के पहुंचने की संभावना है।
बसंतपुर में भोजन के लिए मेन्यू का नहीं हो रहा पालन, जनरेटर भी नहीं
वीरपुर में सोमवार को जयपुर से 700 व मंगलवार को 500 से अधिक प्रवासी मजदूर पहुंचे। कोचगामा पंचायत के मध्य विद्यालय पटेरवा स्थित क्वारेंटाइन सेंटर के प्रभारी जयशंकर प्रसाद ने बताया कि विद्यालय के सात कमरों में 205 मजदूरों को रखा गया है। सेंटर पर दरी, तकिया, त्रिपाल की व्यवस्था स्थानीय मुखिया ने कराई है। शाम के इफ्तार में चुरा, मुढ़ी, चना, फल (खीरा, खजूर, खरभुज, केला), प्याजी, दो जलेबियां व रात के खाना में चावल, दाल, सब्जी, चोखा, सलाद दिया जा रहे है। सुबह की शेहरी में चावल दाल व सब्जी दी जाती है। जेनरेटर की व्यवस्था नहीं है।


त्रिवेणीगंज में अप्रवासियों को नाश्ते में मिल रहा चूढ़ा, मुढ़ी और चने की सब्जी
त्रिवेणीगंज के एएलवाई कॉलेज परिसर स्थित क्वारेंटाइन सेंटर में सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में लगभग 65 प्रवासी मजदूर रह रहे है। 10 व्यक्तियों पर 1 शौचालय व स्नान घर चिन्हित किए गए है। प्रवासी दुर्गानंद कामत ने बताया कि सुबह के नाश्ते में चूड़ा, मुढ़ी व चने की सब्जी, दोपहर में दाल, चावल व सब्जी खाने दिए जा रहे है। राजस्व पदाधिकारी शतम सुंदर ने बताया कि बाढ़ आपदा राहत शिविर की तरह सेंटर का संचालन हाे रहा है। प्रति व्यक्ति 500 ग्राम चावल, 100 ग्राम दाल व 200 ग्राम सब्जी का आवंटन है। कॉलेज परिसर स्थित अम्बेडकर बालिका आवास विद्यालय में महिलाओं व पुरुष को रखने के लिए अलग-अलग व्यवस्था है।


क्वारेंटाइन सेंटरों पर अप्रवासियों को मिलनी है ये सुविधाएं
सेंटरों पर लोगों काे नियमानुसार सुबह 6 बजे प्रति व्यक्ति एक पैकेट बिस्किट, चाय व दो लीटर का दो बोतल सीलबंद मिनरल वाटर दिया जाना है। प्रत्येक व्यक्ति काे प्रतिदिन 5 डिस्पोजल ग्लास भी दिया जाना है। सुबह साढ़े 8 बजे नाश्ते में प्रति व्यक्ति आधा लीटर दूध, 200 ग्राम ब्रेड का एक पैकेट, एक अंडा या शाकाहारी लोगों को 150 ग्राम सेब दिया जाना है। दोपहर 12.30 बजे खाने में चावल, दाल, ताजी हरी सब्जी, भुजिया, दही व 200 ग्राम संतरा दिए जाने का निर्देश है। इसी तरह शाम 5 बजे एक पैकेट बिस्किट व चाय तथा रात 9 बजे भोजन में प्रत्येक व्यक्ति को मांग के अनुसार चावल या रोटी, सब्जी, दाल और एक एक निंबू दिया जाना है।


सेंटराें पर बच्चाें के लिए होगी दूध की व्यवस्था
काेराेना के संक्रमण से बचाव काे लेकर जिले के सभी चार अनुमंडल क्षेत्राें में क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। प्रवासियाें के बीच डिग्निटी किट का वितरण किया गया है। अापदा प्रबंधन के तहत क्वारेंटाइन सेंटर पर लाेगाें के लिए फिलहाल दूध का प्रबंध नहीं है। लेकिन क्वारेंटाइन सेंटराें पर बच्चाें के लिए दूध की व्यवस्था हाेगी। प्रवासियाें काे ससमय नाश्ता, भाेजन व स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियाें व कर्मियाें काे दिए गए है।

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