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Friday, 8 May 2020

40 से 50 किलोमीटर रफ्तार से चली आंधी दो घंटे की बारिश में वज्रपात से दो घर जले



पश्चिमी विक्षोभ से बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान के कारण जिलेभर में गुरुवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे धूल भरी आंधी आई। इसके कुछ ही देर बाद मूसलाधार बारिश भी शुरू हो गई जो करीब 4 बजे तक जारी रही। इस दौरान करीब 40 से 50 किलाेमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। जिससे लॉकडाउन के बीच पहले से परेशान लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिस किसान के खेत में लगी मूंग, सब्जी एवं मक्के की फसल को व्यापक नुकसान हुआ है। इसके अलावा मौसमी फल आम, लीची, कटहल को भी भारी क्षति हुई है।
इधर, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार जिले में आने वाले 11 मई तक आंधी एवं बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार 11 मई तक जिले में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आने एवं गरज के साथ बारिश होने के आसार हैं। गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 33 एवं न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहा। सहरसा के अगवानपुर स्थित अनुसंधान केन्द्र के मौसम वैज्ञानिक अशोक पंडित ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ से बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोन के कारण सूबे के सभी जिले में 11 मई तक आंधी व बारिश की आशंका है।
किसनपुर प्रखंड अंतर्गत मौजहा पंचायत के सुजानपुर वार्ड 2 में गुरुवार आई आंधी और बारिश में वज्रपात होने से एक ही परिवार का दो घर जलकर राख हो गया। जानकारी के अनुसार आंधी के साथ बारिश होने के दौरान हुई वज्रपात से दो घर जलकर राख हो गया। इससे घर में रखा दो पंपसेट, एक होंडा, सिंचाई के लिए घर में रखा पाईप, अनाज, मवेशी का चारा सहित सारा सामान जल गया। पीड़ित गृहस्वामी रघुनाथ साह ने बताया कि कुल 70 हजार रुपए मूल्य के सामान की क्षति हुई है।
करजाईन में भी आंधी-बारिश से फसलों को नुकसान
राघोपुर के करजाईन में गुरुवार की दोपहर में तेज आंधी के हुई बारिश से किसानों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। देखते ही आसमान में काले बादल छा गए। जिससे दोपहर में ही छाया छा गया। किसानों का कहना है कि इस वर्ष पिछले वर्ष की अपेक्षा काफी अधिक आंधी एवं बारिश से फसलों का नुकसान हुआ है। आंधी ने आम, लीची की फल को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। साथ ही मक्का, सूर्यमुखी, पाट एवं मूंग की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। जिससे क्षेत्र के किसानों की माथे पर चिंता की लकीरें छाने लगी है। किसानों ने जैसे-तैसे लॉकडाउन में भी पाट, मूंग की बीज उंचे दाम पर खरीद कर बुआई की थी। मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दी। किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
छातापुर में बारिश से मूंग की फसल को भारी क्षति
गुरुवार की दोपहर में आई तेज आंधी और बारिश से प्रखंड के सभी पंचायतों में बड़े पैमाने पर मक्का और मूंग की फसल को क्षति हुई है। पिछले दो सप्ताह में कई बार आयी आंधी-बारिश ने किसानों की उम्मीदों को तोड़ दिया है। सबसे से अधिक मक्के की फसल बर्बाद होने की संभावना है। कई गांव में चदरे व फूस के बने घरों को तेज हवा व आंधी से क्षति पहुंची है। एक तरफ किसान कोरोना से परेशान है तो दूसरी तरफ मौसम की दोहरी मार झेल रहे हैं। हर दो-तीन दिन पर हो रही बारिश के कारण मक्का की तैयार फसल बर्बाद हो चुकी है और अब तैयार फसल को सुखाने पर भी ग्रहण लग चुका है। बारिश से मक्के की खड़ी फसलें तेज हवा व पानी में खेतों में धराशायी हो गई।

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