सीएम बोले-21 दिन क्वारेंटाइन के बाद किराया व ‌~500 भी देंगे - Dildarnagar News and Ghazipur News✔ Buxar News | UP News ✔

Breaking News

Tuesday, 5 May 2020

सीएम बोले-21 दिन क्वारेंटाइन के बाद किराया व ‌~500 भी देंगे


प्रवासी मजदूराें की घर वापसी के लिए चलाई गईं स्पेशल ट्रेनाें के किराए पर विवाद छिड़ गया है। कांग्रेस अध्यक्ष साेनिया गांधी ने अाराेप लगाया कि केंद्र सरकार अाैर रेलवे इस मुश्किल वक्त में भी मजदूराें से किराया वसूल रही हैं। उन्हाेंने घाेषणा की कि कांग्रेस मजदूराें के टिकट का पूरा खर्च देगी। वहीं, सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह घोषणा की कि प्रवासियों द्वारा प्रखंड स्तर पर बने क्वारेंटाइन सेंटर में 21 दिन बिताने केे बाद राज्य सरकार उनके ट्रेन किराए का भुगतान करेगी। 500 रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे। कम से कम 1000 रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने जान-बूझकर कोई घोषणा इस संबंध में नहीं की है क्योंकि हमारी सरकार का विश्वास बोलने में नहीं, काम करने में है। हमने सोचा था कि लोगों को लाभ मिलता तो वे अपने-आप बताते लेकिन इधर काफी बयानबाजी हो रही तो मुझे लगा कि इन सब बातों की जानकारी साझा करना आवश्यक है।

कोटा से लौटने वाले सभी छात्रों का किराया सरकार ने दिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटा से अाए छात्रों का पैसा सरकार दे रही है। प्रवासी श्रमिकों को जिस स्टेशन पर उनकी ट्रेन आती है वहां उनकी पूरी जांच करने के बाद उन्हें उनके प्रखंड में बने क्वारेंटाइन सेंटर में भेजा जाता है। हमने पहले ही कहा था कि ट्रेन से ही आने पर बाहर से फंसे लोगों की समस्या का समाधान हो सकता है।


बाहर फंसे काे एक-एक हजार रुपए दिए, 19 लाख को मदद
सीएम बोले-बिहार के लोग जो राज्य के बाहर फंसे थे, उनको 1-1 हजार रुपए दिए। लगभग 19 लाख लोगों के खाते में राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। बचे हुए लोगों के खाते में भी रकम जल्द ही भेज दी जाएगी। कोरोना से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। लोगों से अपील है कि संक्रमण से बचाव के लिए निर्देशों का अनुपालन करें।

नौ ट्रेने आज आएंगी बिहारदेशभर में किराए पर विवाद :सोमवार को 3 ट्रेनें पहुंचीं, मंगलवार को विभिन्न राज्यों से 9 ट्रेनें बिहार पहुंच रही हैं
  • महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक की सरकारों ने अपने यहां से दूसरे राज्यों के लिए खुली ट्रेन का किराया देने से इनकार कर दिया। श्रमिकों को ही रेल टिकट का किराया देना पड़ा है।
  • राजस्थान, तेलंगाना और गुजरात की सरकारों ने अपने यहां से दूसरे राज्यों के लिए खुली ट्रेन का किराया दिया। गुजरात ने एक एनजीओ से भी इसमें आंशिक सहयोग लिया है।
  • झारखंड ने भी अपने श्रमिकों के टिकट का भुगतान किया है जबकि ओडिशा ने नहीं किया। मध्य प्रदेश से रेलवे ने अब तक वसूली नहीं की है। इन राज्यों में प्रवासी श्रमिक लौटे हैं।
  • भाजपा ने कहा कि रेलवे हर टिकट पर 85% सब्सिडी दे रहा है। राज्याें काे सिर्फ 15% भुगतान करना है। कांग्रेस के फैसले काे राजनीतिक लड़ाई बताते हुए एक अधिकारी ने कहा- ‘स्पेशल ट्रेनाें में साेशल डिस्टेंसिंग के लिए कई सीटें खाली छाेड़ी जा रही हैं।
अब तक 45 स्पेशल ट्रेनें चली हैं। रेलवे स्लीपर क्लास के किराए के साथ ही सुपरफास्ट चार्ज के ताैर पर 30 और खाने के 20 रुपए औरवसूल रहा है।

No comments:

Post a comment